केसली में भव्यता के साथ मनाया गया 'हिंदू नववर्ष', नगर हुआ भगवामय
सागर जिले के केसली नगर में भारतीय संस्कृति और परंपरा के प्रतीक 'हिंदू नववर्ष' (विक्रम संवत) को भव्यता के साथ मनाया गया। सरस्वती शिशु मंदिर केसली द्वारा आयोजित इस आयोजन में पूरे नगर को केसरिया ध्वजों से सजाया गया, जिससे नगर का हर कोना भगवामय हो गया।
नववर्ष के इस अवसर पर नगर की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक को विशेष रूप से सजाया गया। सड़कों के दोनों ओर लहराते भगवा ध्वज इस उत्सव की भव्यता को दर्शा रहे थे। स्थानीय निवासियों ने अपने घरों के मुख्य द्वारों पर वंदनवार सजाकर नववर्ष का अभिनंदन किया।
स्थानीय मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया गया। "जय श्री राम" के नारों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समाज के स्वयंसेवकों ने अनुशासन बनाए रखा, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
- धार्मिक कार्यक्रम: मंदिरों में विशेष पूजा और आरती का आयोजन।
- सजावट: नगर की सड़कों और गलियों में केसरिया ध्वजों की सजावट।
- समाज की सहभागिता: युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी।
हिंदू नववर्ष का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व है। चैत्र प्रतिपदा से शुरू होने वाला यह वर्ष न केवल प्रकृति के बदलाव का प्रतीक है, बल्कि हमारी पहचान का आधार भी है।
इस प्रकार, केसली में 'हिंदू नववर्ष' का यह आयोजन भारतीय संस्कृति की समृद्धि और परंपरा को जीवंत रखता है, और समाज के हर वर्ग को एकजुट करता है।

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