आचार्य प्रवर विरागसागर के परम् प्रभावक शिष्य, "बहूचर्चित भजन जीवन है पानी की बून्द के रचयिता ""जिनागम पंथ प्रभावना यात्रा के अंतर्गत भावलिंगी संत श्रमणाचार्य श्री विमर्शसागर जी महाराज का मंगल विहार दिल्ली की ओर
गाज़ियाबाद। जिनागम पंथ प्रवर्तक, भावलिंगी संत, परम पूज्य श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज ससंघ (33 पिच्छी) का मंगल विहार राजधानी दिल्ली की ओर निरंतर गतिमान है। जिनागम पंथ प्रभावना यात्रा के अंतर्गत आज 10 जून 2026 को प्रातः 5 बजे कविनगर, गाज़ियाबाद से मंगल विहार प्रारंभ हुआ।
पूज्य गुरुदेव के पावन सान्निध्य में धर्म प्रभावना का यह ऐतिहासिक अभियान समाज में आध्यात्मिक जागृति और जिनशासन की महिमा का संदेश प्रसारित कर रहा है। आज की आहारचर्या वसुंधरा, गाज़ियाबाद में संपन्न होगी।
इस मंगल विहार एवं धर्म प्रभावना यात्रा के आयोजन का सौभाग्य सकल दिगम्बर जैन समाज कृष्णनगर, दिल्ली को प्राप्त हो रहा है। पूज्य संघ के राजधानी दिल्ली में मंगल प्रवेश को लेकर श्रद्धालुओं एवं गुरु भक्तों में विशेष उत्साह का वातावरण है।
जिनागम पंथ की प्रभावना करते हुए पूज्य गुरुदेव का यह विहार हजारों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा एवं भक्ति का केंद्र बना हुआ है।
🚩 जिनागम पंथ जयवंत हो 🚩

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