*नेमी नगर जैन कॉलोनी में उत्तम सत्य धर्म की आराधना श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई: आचार्य श्री 108 सुनीलसागर* 

इंदौर नेमी नगर (संवाददाता मुकेश कुमार जैन )

पर्युषण महापर्व के पांचवें दिवस उत्तम सत्य धर्म की आराधना आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुई। आचार्य श्री 108 सुनीलसागर जी गुरुदेव के पावन सान्निध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।प्रातःकाल मंगलाचरण एवं भक्तिमय वातावरण के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात गुरुदेव के सान्निध्य में धर्मसभा का आयोजन किया गया।धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज ने उत्तम सत्य धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला।गुरुदेव ने कहा कि सत्य केवल वाणी का विषय नहीं, बल्कि जीवन की शुद्धता और आचरण की पवित्रता से जुड़ा हुआ है। मन, वचन और कर्म में एकरूपता ही वास्तविक सत्य की पहचान है।उन्होंने श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि हमारी वाणी सत्य, हितकारी, मधुर और संयमित होनी चाहिए। असत्य से प्राप्त लाभ क्षणिक होता है, जबकि सत्य का मार्ग आत्मा को शांति और निर्भयता प्रदान करता है.गुरुदेव ने कहा कि जीवन में अनेक परिस्थितियों में व्यक्ति अपने स्वार्थ के कारण सत्य से विचलित हो जाता है। ऐसे समय में धर्म हमें अपने भीतर झांकने और सत्य का साथ देने की प्रेरणा देता है।सत्य धर्म का पालन केवल बोलने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हमारे विचारों, व्यवहार और कर्मों में भी इसकी झलक दिखाई देनी चाहिए।गुरुदेव के मंगल प्रवचन से प्रेरित होकर श्रद्धालुओं ने सत्य को जीवन में अपनाने तथा असत्य, छल-कपट और दिखावे से दूर रहने का संकल्प लिया।दिनभर की धार्मिक आराधना के पश्चात संध्याकाल में धर्मस्थल पर आरती का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।इसके बाद विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां हुईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तम सत्य धर्म, सदाचार, संयम और धार्मिक मूल्यों का संदेश दिया गया।इस प्रकार पर्युषण महापर्व के पांचवें दिवस उत्तम सत्य धर्म की आराधना के साथ श्रद्धालुओं ने सत्य को जीवन का आधार बनाने तथा मन, वचन और कर्म की पवित्रता बनाए रखने की प्रेरणा प्राप्त की।