आमतौर पर रूप चौदस यानी नरक चतुर्दशी दिवाली से एक दिन पहले आती है। इस बार पंचांग गणना के अनुसार दोनों 8 नवंबर, रविवार को हैं। सुबह अभ्यंग स्नान और शाम को लक्ष्मी पूजा एक ही दिन होगी।
काली चौदस इससे एक दिन पहले 7 नवंबर की रात है। दोनों एक ही चतुर्दशी तिथि के त्योहार हैं, फिर भी तिथि के समय के कारण अलग दिन पड़ रहे हैं।
आज जानेंगे कि-
- इस बार नरक चतुर्दशी दिवाली के दिन ही क्यों है?
- काली चौदस 7 नवंबर को क्यों है?
- अभ्यंग स्नान का मुहूर्त और विधि क्या है?

सवाल- इस बार नरक चतुर्दशी दिवाली के साथ क्यों है?
जवाब- पंचांग गणना के अनुसार चतुर्दशी 7 नवंबर सुबह 10:47 बजे से 8 नवंबर सुबह 11:27 बजे तक है, फिर अमावस्या लगेगी। अभ्यंग स्नान चंद्रोदय के बाद और सूर्योदय से पहले चतुर्दशी में होता है। 7 नवंबर की सुबह चतुर्दशी नहीं होगी, 8 नवंबर की सुबह होगी, इसलिए नरक चतुर्दशी 8 नवंबर को है। उसी शाम प्रदोष काल में अमावस्या रहेगी, इसलिए लक्ष्मी पूजा भी 8 नवंबर को है। स्रोतों के अनुसार जब सूर्योदय से पहले चतुर्दशी और सूर्यास्त के बाद अमावस्या हो, तब दोनों एक ही दिन पड़ते हैं।
| त्योहार | तारीख | भोपाल में समय (पंचांग गणना) |
|---|---|---|
| काली चौदस, हनुमान पूजा | 7 नवंबर, शनिवार | निशीथ काल रात 11:39 से 12:30 बजे |
| नरक चतुर्दशी, अभ्यंग स्नान | 8 नवंबर, रविवार | सुबह 5:32 से 6:30 बजे |
| लक्ष्मी पूजा, दिवाली | 8 नवंबर, रविवार | शाम 6:02 से 8:01 बजे |
सवाल- काली चौदस 7 नवंबर को क्यों है?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों के अनुसार काली चौदस का दिन इस बात से तय होता है कि आधी रात यानी महानिशीथ काल में चतुर्दशी किस दिन है। 7 नवंबर की आधी रात चतुर्दशी रहेगी, इसलिए काली चौदस 7 नवंबर को है। इसी दिन हनुमान पूजा भी है।
सवाल- काली चौदस और रूप चौदस में क्या फर्क है?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोत कहते हैं कि दोनों अलग त्योहार हैं। काली चौदस को भूत चतुर्दशी भी कहते हैं, यह मुख्य रूप से गुजरात और पश्चिम भारत में रात की पूजा का पर्व है। रूप चौदस यानी नरक चतुर्दशी को उत्तर भारत में छोटी दिवाली कहते हैं, इसमें सुबह का स्नान अहम है।

सवाल- नरक चतुर्दशी पर स्नान क्यों करते हैं?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों में दी गई कथा के अनुसार भगवान कृष्ण ने इसी दिन नरकासुर का वध करके ब्रह्म मुहूर्त में तेल स्नान किया था। मान्यता है कि यह स्नान करने वाले को नरक का भय नहीं रहता। महाराष्ट्र में इसे अभ्यंग स्नान कहते हैं।
सवाल- अभ्यंग स्नान की विधि क्या है?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों में बताई गई विधि स्टेप में समझिए…
- 1. सूर्योदय से पहले, भोपाल में सुबह 5:32 से 6:30 बजे के बीच स्नान करें।
- 2. उबटन के लिए तिल का तेल इस्तेमाल करें।
- 3. स्नान के समय अपामार्ग यानी चिरचिटा की टहनी सिर के ऊपर घुमाने की परंपरा है। मंत्र है, सितालोष्टसहायुक्तः सकण्टकदलान्वितः। हर पापमपामार्ग भ्राम्यमाणः पुनः पुनः॥
- 4. स्नान के बाद यमराज के 14 नामों से 3-3 बार जल दें, जैसे ॐ यमाय नमः, ॐ धर्मराजाय नमः।
- 5. भीष्म पितामह को भी 3 अंजलि जल दें।
- 6. शाम को घर के बाहर यम के लिए 4 बत्ती वाला दीया जलाएं।

सवाल- 4 बत्ती वाले दीये का क्या मतलब है?
जवाब- पंचांग गणना के स्रोतों के अनुसार नरक चतुर्दशी की शाम घर के बाहर यम के लिए 4 बत्ती का दीया जलता है। चारों बत्तियां धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्रतीक मानी जाती हैं। इस बार यही शाम दिवाली की भी है।

ये पर्व मनाने का तरीका हर क्षेत्र और परिवार में अलग है, अपनी परंपरा के अनुसार ही पूजा करें।
दिवाली 2026 कब है, 8 या 9 नवंबर, धनतेरस से भाई दूज तक 6 दिन का पूरा कैलेंडर
MP के 5 शहरों में दिवाली के मुहूर्त अलग, इंदौर-उज्जैन में गोवर्धन पूजा 9 नवंबर को ही
जो तैयारी हो गई, उस पर टिक कीजिए…
सवाल पढ़िए, जवाब सोचिए, फिर सवाल पर टैप करके सही जवाब देखिए…
1. इस बार नरक चतुर्दशी किस तारीख को है?
सही जवाब- 8 नवंबर, दिवाली के दिन ही।
2. काली चौदस का दिन किससे तय होता है?
सही जवाब- आधी रात में चतुर्दशी होने से।
3. अभ्यंग स्नान में उबटन के लिए कौन सा तेल बताया गया है?
सही जवाब- तिल का तेल।
4. यम के दीये में कितनी बत्तियां होती हैं?
सही जवाब- 4 बत्तियां।
अपना जवाब नीचे कमेंट में लिखिए और यह जानकारी परिवार के WhatsApp ग्रुप में भेजिए।
WhatsApp पर शेयर करेंयह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना पर आधारित है, StateNews इसकी पुष्टि नहीं करता।
कुछ कॉमन सवाल जवाब
रूप चौदस 2026 कब है?
8 नवंबर, दिवाली के दिन ही।
काली चौदस 2026 कब है?
7 नवंबर, शनिवार की रात।
भोपाल में अभ्यंग स्नान का मुहूर्त क्या है?
8 नवंबर सुबह 5:32 से 6:30 बजे तक।
क्या रूप चौदस और छोटी दिवाली एक ही है?
हां, उत्तर भारत में दोनों नाम चलते हैं।
स्रोत, पंचांग गणना (Drik Panchang, अभ्यंग स्नान, नरक चतुर्दशी पूजा विधि, काली चौदस और दिवाली कैलेंडर पेज, 2026)। मुख्य फोटो साभार Wikimedia Commons / Anushka10patel, CC BY 4.0।
Continue With Google