आरोन थाना क्षेत्र से नाबालिग बालक के लापता होने पर पुलिस की तत्परता
बालक को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के संवेदनशील और कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों और महिलाओं से संबंधित अपराधों को गंभीरता से लेकर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी राघौगढ श्रीमती दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में आरोन थाना पुलिस ने एक नाबालिग बालक के लापता होने के मामले में सक्रियता से कदम उठाया है।
दिनांक 05 जून 2026 को आरोन थाने पर एक महिला ने अपने 14 वर्षीय नाबालिग पोते के 28 मई 2026 से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के आधार पर थाना आरोन में अपराध क्रमांक 164/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर पुलिस ने बालक की तलाश प्रारंभ की।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने विभिन्न तकनीकी संसाधनों और साइबर विश्लेषण का उपयोग कर बालक की सभी संभावित स्थानों पर खोजबीन की। पुलिस की सतत् मेहनत और सूझबूझ के परिणामस्वरूप 12 जून 2026 को बालक के संबंध में सटीक जानकारी मिलने पर, त्वरित कार्रवाई कर बालक को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया। इसके उपरांत विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण कर उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया।
इस सफलता में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह सिकरवार, उपनिरीक्षक रविनंदन शर्मा, उपनिरीक्षक पंकज कुशवाह, प्रधान आरक्षक रामकुमार सिंह एवं महिला आरक्षक पूजा यादव की विशेष भूमिका रही।

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