जलता रहा खेत, सोता रहा सिस्टम: फायर ब्रिगेड की लापरवाही से किसान की फसल राख

त्योंथर/रीवा। त्योंथर तहसील के मलपार गांव में एक भीषण आगजनी की घटना ने किसान दिलीप गौतम की सालभर की मेहनत को राख कर दिया। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था की खामियों को भी उजागर किया है। दिलीप गौतम की खड़ी गेहूं की फसल अचानक लगी आग में पूरी तरह से नष्ट हो गई।

ग्रामीणों के अनुसार, आग इतनी तेज थी कि वह देखते ही देखते पूरे खेत में फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की। कुछ ने पानी डालकर तो कुछ ने मिट्टी फेंककर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। फिर भी, संसाधनों की कमी के कारण वे आग पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं पा सके।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची। दमकल वाहन के देरी से पहुंचने तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। इस देरी ने प्रशासनिक लापरवाही और आपदा प्रबंधन की कमजोर तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़ित किसान दिलीप गौतम ने प्रशासन से तुरंत मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि यह फसल उनके परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा थी, जो अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।

इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका मानना है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आपातकालीन सेवाएं जमीनी स्तर पर कितनी सक्रिय हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में सिर्फ जांच तक सीमित रहता है या पीड़ित किसान को वास्तविक राहत और दोषियों पर कार्रवाई भी सुनिश्चित करता है।