खरगापुर चर्चित हत्याकांड के 18 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा
टीकमगढ़ जिला न्यायालय ने बहुचर्चित खरगापुर हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाते हुए 18 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी दोषियों को जेल भेजते हुए उन पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है। यह मामला 11 दिसंबर 2016 का है, जब खरगापुर नगर में अब्दुल कादिर उर्फ कद्दू पर 18 लोगों ने मिलकर जानलेवा हमला किया था। हमलावरों ने कुल्हाड़ी और तलवार जैसे धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि अब्दुल कादिर की मौके पर ही मौत हो गई थी।मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया। अदालत ने मुख्य आरोपी असलम सहित सभी 18 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और आर्थिक दंड से भी दंडित किया।इस फैसले को क्षेत्र में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे लोगों में कानून के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
घटना इस प्रकार से है कि फरियादी अब्दुल गफ्फार द्वारा अंतर्गत थाना खरगापुर में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 11.12.2016 की रात करीब 09:30 बजे की बात है, इनायत अली उसके घर आये और झगड़े की बात सुना रहे थे। उसी बुराई पर से पीर मोहम्मद, जिलानी रंगरेज, चेनू रंगरेज, भूरे रंगरेज, अहमद मउवाले, अब्बास मउवाले, सुबराती चौधरी, लल्ला चौधरी, हब्बी चौधरी, निशार मुसलमान, अहमद पठान, हैदर मुसलमान, रमजे मुसलमान, मुराद मुसलमान, गब्बर मुसलमान, इदरीश पठान, रिजवान मुसलमान, असलम मुसलमान एक राय होकर लाठी, तलवार व फर्सा से लैस होकर आये और गालियां देकर सुबराती व पीर मोहम्मद ने तलवार से प्राणघातक हमला किया, जिससे उसके भाई कद्दू उर्फ अब्दुल कादिर को सिर में चोट आई, लल्ला ने मुस्तफा को हाथ में फर्सा मारा व भूरे रंगरेज ने पप्पू सांई को पत्थर व तलवार मारी पैर में चोट आई तथा अन्य लोगो को भी मारपीट से चोट आई। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना खरगापुर जिला टीकमगढ़ में अपराध क्रमांक 229/2016 पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया , संपूर्ण विवेचना उपरांत आवश्यक साक्ष्य संकलित की जाकर और अभियुक्तगण से घटना में प्रयुक्त तलवार, फर्सा, लाठी व पत्थर जप्त किये गया । संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्तगण के विरूद्ध विचारण चलाये जाने हेतु अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया । विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा प्रकरण में आवश्यक साक्षीगण को परीक्षित कराया गया एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों को प्रमाणित कराया गया एवं प्रकरण में प्राप्त परीक्षण रिपोर्ट को वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया गया । अभिलेख पर अभियोजन द्वारा प्रस्तुत की गई मौखिक, दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक साक्ष्य तथा अंतिम तर्क के आधार पर चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश भरकुंदिया द्वारा सभी 18 आरोपीगण को अपराध धारा 302/149 भादवि के अपराध में आजीवन कारावास व तीन हजार रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस घटना के क्रॉस प्रकरण का भी निर्णय माननीय न्यायालय द्वारा इस केस के साथ ही उद्घोषित किया गया है जिसमें 08 आरोपीगण अब्दुल रशीद, छुट्टू उर्फ गुलाम रशूल, अब्दुल लतीफ, अब्दुल गनी, हैरान चौधरी उर्फ अब्दुल गफ्फार, मुस्तफा चौधरी, चेनु उर्फ सर्वर लोधी एवं अन्नु उर्फ अनबर लोधी को 323/34 (08 शीर्ष ) के प्रत्येक कांउट के लिए 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा से दण्डित किया गया।
उक्त दोंनों मामलों में शासन की ओर से अभियोजन का पक्ष न्यायालय में जटाशंकर श्रोती, अपर लोक अभियोजक द्वारा रखा गया। जिसमे आरोपी सुवराती रंगरेज, असलम रंगरेज, मोहम्मद रिजवान,अहमद रजा, मोहम्मद जिलानी, इदरीष उम्र, मोहम्मद हबी, रमजे उर्फ रमरान, मोराद अली, मोहम्मद हैदर अली, भूरे उर्फ इमरान रंगरेज, पीर माहम्मद, चेनू उर्फ मोहम्मद गोस, निशार मोहम्मद, अब्बास उर्फ मुस्तफा रजा, गब्बर उर्फ गब्बर, अहमद पठान,लल्ला उर्फ रफीक
सभी निवासी थाना खरगापुर जिला टीकमगढ़ निवासी हैं।
उक्त मामले में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक जटाशंकर श्रोती द्वारा की गई। अपर लोक अभियोजक द्वारा घटनाक्रम के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि मामला थाना खरगापुर जिला टीकमगढ़ का होकर माननीय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश टीकमगढ़ के न्यायालय में सत्र प्रकरण क्रमांक 114/2017 पर विचाराधीन था, उक्त प्रकरण में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश टीकमगढ़ द्वारा सभी आरोपियो को अपराध धारा 148 भादवि में 01 वर्ष सश्रम कारावास एवं पॉंच सौ रूपये अर्थदण्ड धारा 302/149 भादवि में आजीवन कारावास , धारा 326/149 भादवि में 05 वर्ष सश्रम कारावास एवं एक हजार रू. अर्थदण्ड, धारा 324/149 भादवि में 02 वर्ष सश्रम कारावास एवं पांच सौ रू.के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
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