*संस्था आस के हस्तक्षेप से ग्राम नांदुरखुर्द में रोका गया बाल विवाह*

नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत के खकनार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नांदुरखुर्द में संस्था आस (AAS) के त्वरित हस्तक्षेप एवं प्रशासनिक विभागों के सहयोग से एक बाल विवाह को रुकवाया गया। यह कार्रवाई जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से संचालित एक्सेस टू जस्टिस (न्याय तक पहुँच) कार्यक्रम के अंतर्गत की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम नांदुरखुर्द में बाल विवाह होने की सूचना मिलने पर संस्था आस की सदस्य मीनू कौर पवार ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का निरीक्षण किया तथा तत्काल महिला एवं बाल विकास विभाग, बुरहानपुर और खकनार थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही संबंधित विभागों एवं पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुँचकर बाल विवाह रुकवाया।

जानकारी के अनुसार, नेपानगर थाना क्षेत्र के ग्राम दूधिया से एक नाबालिग बालिका को विवाह के लिए ग्राम नांदुरखुर्द लाया गया था। प्रशासन एवं पुलिस द्वारा दोनों पक्षों के परिजनों को समझाइश दी गई तथा बालक एवं बालिका के बालिग होने तक विवाह नहीं करने की हिदायत दी गई। इसके बाद दोनों बच्चों को उनके-अपने माता-पिता के सुपुर्द कर सुरक्षित रूप से घर भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग, बुरहानपुर की जिला अधिकारी शुभांगी मजूमदार, सहायक संचालक विजय सोलंकी, खकनार थाना पुलिस तथा संस्था आस की सदस्य मीनू कौर पवार, जिला समन्वयक सुनील शिंदे एवं सदस्य राजेन्द्र मसाने की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

संस्था आस द्वारा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से संचालित एक्सेस टू जस्टिस कार्यक्रम के माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम, बाल अधिकारों के संरक्षण तथा बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों, पुलिस एवं समुदाय के साथ समन्वय स्थापित कर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

 

संस्था आस बुरहानपुर

सुनील शिंदे परियोजना समन्वयक