आलोट। सोयाबीन बीज की गुणवत्ता और बिक्री संबंधी दस्तावेजों को लेकर आलोट क्षेत्र में मामला सामने आया है। एक किसान ने नर्मदा एग्रो जेनेटिक्स की सोयाबीन किस्म JS 9560 और जावरा-बड़ावदा क्षेत्र स्थित अग्रवाल फर्टिलाइजर से हुई खरीद पर सवाल उठाते हुए पुलिस थाने में आवेदन दिया है। किसान ने संबंधित कंपनी, विक्रेता और कृषि अधिकारियों की भूमिका की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। अब मामले में बीज की गुणवत्ता की जांच और कृषि विभाग की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
3 हजार रुपये में खरीदा था बीज
शिकायतकर्ता संजय पोरवाल के आवेदन के अनुसार, उन्होंने 13 जून 2026 को अग्रवाल फर्टिलाइजर से नर्मदा एग्रो जेनेटिक्स की सोयाबीन किस्म JS 9560 का 30 किलोग्राम बीज 3 हजार रुपये में खरीदा था। किसान का आरोप है कि पक्का बिल और कैश मेमो मांगने पर उन्हें नियमित बिल के बजाय कोरे कागज पर कच्ची रसीद दी गई।
किसान ने बीज की बिक्री के दस्तावेजों और संबंधित विक्रेता की भूमिका की जांच की मांग की है। यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि बीज की बिक्री किन दस्तावेजों के आधार पर की गई और नियमानुसार बिल जारी किया गया था या नहीं।
बीज के लेबल पर भी उठाए सवाल
आवेदन में किसान ने बीज के पैकेट पर दर्ज विवरण को लेकर भी आपत्ति जताई है। शिकायत के मुताबिक, पैकेट पर प्रमाणित बीज के स्थान पर टीएल (ट्रुथफुल लेबल) का उल्लेख था। किसान ने लॉट नंबर OCT-25-12-814-5500 सहित पैकेट पर दर्ज अन्य जानकारियों की वैधता की जांच कराने की मांग की है।
हालांकि, केवल टीएल का उल्लेख होने से बीज को अमानक या अवैध नहीं माना जा सकता। इसकी वास्तविक स्थिति लागू नियमों, संबंधित दस्तावेजों और आवश्यक होने पर प्रयोगशाला जांच के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
कृषि विभाग ने बनाया था पंचनामा
किसान के आवेदन के अनुसार, शिकायत मिलने पर कृषि विस्तार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया था। इसके बावजूद किसान ने बीज की गुणवत्ता और मामले में आगे हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं।
अब यह स्पष्ट होना बाकी है कि संबंधित बीज का विधिवत नमूना लिया गया या नहीं, नमूना प्रयोगशाला भेजा गया या नहीं और यदि भेजा गया है तो उसकी जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है या नहीं। जांच की वर्तमान स्थिति सामने आने से ही बीज की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सकेगा।
19 अक्टूबर को थाने में दिया आवेदन
किसान ने 19 अक्टूबर 2026 को आलोट पुलिस थाने में आवेदन देकर संबंधित कंपनी के जिम्मेदार व्यक्ति, अग्रवाल फर्टिलाइजर के प्रोपराइटर और संबंधित कृषि अधिकारियों की भूमिका की जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। आवेदन में धोखाधड़ी, कूटरचना और बीज संबंधी नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई गई है। किसान ने अपने समर्थन में कच्ची रसीद, बीज के पैकेट व लेबल के फोटो, कृषि विभाग के पंचनामे की प्रति और अन्य दस्तावेज संलग्न करने का उल्लेख किया है।
पुलिस जांच जारी, संबंधित पक्षों का जवाब बाकी
थाना प्रभारी योगेश पाटीदार के अनुसार, मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है और जांच जारी है। फिलहाल बीज की प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट और कृषि विभाग की अंतिम कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। कंपनी, विक्रेता और संबंधित कृषि अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
जांच के नतीजे पर टिकी निगाहें
मामले में अब मुख्य सवाल यह है कि बीज की गुणवत्ता की जांच हुई या नहीं, किसान को पक्का बिल क्यों नहीं मिला और कृषि विभाग ने पंचनामा तैयार करने के बाद क्या कार्रवाई की। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, बीज की गुणवत्ता और बिक्री से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना भी जरूरी है।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। बीज की गुणवत्ता और कथित अनियमितताओं के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट तथा सक्षम अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही सामने आएगा।
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