रीवा में पंचायत फंड गड़बड़ी पर कड़ी कार्रवाई: पूर्व सरपंच-सचिवों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में ग्राम पंचायतों को निर्माण कार्यों के लिए आवंटित राशि के दुरुपयोग और अधूरे कामों को लेकर जिला पंचायत प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए गए हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने इस आर्थिक अनियमितता पर गंभीर कार्रवाई करते हुए कई पूर्व सरपंचों और ग्राम पंचायत सचिवों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।

आर्थिक अनियमितता पर कार्रवाई: इन अधिकारियों पर मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92(2) के तहत वारंट जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई पंचायत फंड के दुरुपयोग को रोकने और जिम्मेदारियों को सुनिश्चित करने के लिए की गई है।

CEO ने संबंधित थाना प्रभारियों को वारंट तामील कर आरोपियों को सेंट्रल जेल रीवा भेजने के निर्देश दिए हैं।

किनके खिलाफ हुई कार्रवाई:

  • थाना प्रभारी डभौरा को पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत हरदौली रमेश कुमार
  • थाना प्रभारी मनगवां को पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत पलिया 351 विष्णु कोल
  • थाना प्रभारी रायपुर कर्चुलियान को औसेरि कोल, पूर्व सरपंच जोगिनहाई और तत्कालीन सचिव धीरज सिंह
  • थाना प्रभारी सेमरिया को संतोष कुमार तिवारी, पूर्व सचिव ग्राम पंचायत बुसौल
  • थाना प्रभारी सिरमौर को पूर्व सचिव ग्राम पंचायत सदहना संतोष सिंह
  • थाना प्रभारी जवा को पूर्व सरपंच अकौरी ललिता देवी और प्रोपराइटर अवधेश ट्रेडर्स अवधेश सिंह
  • थाना प्रभारी नईगढ़ी को मऊगंज जिले की ग्राम पंचायत बंधवा कोठार के पूर्व सरपंच बहादुर साकेत, पूर्व सचिव रामसुंदर साकेत और दिलीप कुमार पटेल

मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि वे अपने अधीनस्थों को इस संबंध में उचित निर्देश दें, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द न्यायिक प्रक्रिया में लाया जा सके।

निष्कर्ष: यह कार्रवाई पंचायत फंड के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और पंचायत की पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी सुनिश्चित की जा सके।