मुरैना। माता बसैया थाना क्षेत्र के जिगनी गांव में स्मार्ट DTR मीटर लगाने के दौरान करंट लगने से 26 वर्षीय बिजली कर्मचारी शाहिद हुसैन की मौत के बाद पूरे मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कथित तौर पर विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर परियोजना का कार्य Esyasoft कंपनी के माध्यम से कराया जा रहा है और कंपनी के कर्मचारियों का प्रबंधन एवं निगरानी कंपनी की जिम्मेदारी है। विभाग का यह भी कहना है कि कंपनी के कर्मचारियों की नियुक्ति, सुरक्षा व्यवस्था और कार्य संचालन सीधे विभाग के अधीन नहीं है। (इस संबंध में विभाग का आधिकारिक लिखित पक्ष लिया जाना शेष है।)
दूसरी ओर, परिजनों और कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि कई बार कर्मचारियों से पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए बिना कार्य कराया जाता है।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या संबंधित स्थल पर कार्य शुरू करने से पहले विद्युत आपूर्ति बंद कराकर आवश्यक परमिट (Permit to Work) लिया गया था? यदि कार्य चालू विद्युत लाइन (Live Line) पर कराया गया, तो क्या निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया और मानकों का पालन किया गया? इन सभी पहलुओं की जांच होना आवश्यक है।
परिजनों का कहना है कि एक कर्मचारी की जान चली गई, लेकिन इससे किसी परिवार का खोया हुआ सदस्य वापस नहीं आ सकता। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो जिम्मेदार अधिकारियों, वेंडर और संबंधित व्यक्तियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, क्या सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया था, और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है।
नोट: इस समाचार में सुरक्षा व्यवस्था, परमिट, अधिकारियों और कंपनी के संबंध में उल्लिखित बातें परिजनों, कर्मचारियों एवं विभाग के कथित मौखिक पक्ष पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। संबंधित कंपनी और विभाग का विस्तृत पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
रिपोर्टर: महेंद्र सिंह लहरिया
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