बालाघाट। प्रदेश शासन द्वारा किसानों के हितों की रक्षा करने और उन्हें बिचौलियों व दलालों के शोषण से पूरी तरह मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में, रबी उपार्जन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत बालाघाट जिले में समर्थन मूल्य पर चना खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। किसानों को उनकी कड़ी मेहनत का वाजिब दाम मिल सके, इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिले के गोदाम स्तर पर कुल 08 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर निर्धारित समर्थन मूल्य पर किसानों से चने की खरीद की जा रही है, जो किसानों के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बन रही है।
खरीदी के आंकड़े और भुगतान की स्थिति
उपसंचालक कृषि, श्री फूलसिंह मालवीय द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, बालाघाट जिले में रबी विपणन सीजन के दौरान चने की खरीद का कार्य तेजी से चल रहा है। 25 मई 2026 तक के प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले के 1360 किसानों से कुल 25 हजार 147 क्विंटल चने की खरीदी सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी है। इस उपार्जित चने का कुल मूल्य 14 करोड़ 77 लाख 38 हजार 625 रुपये आंका गया है।
किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा भुगतान प्रक्रिया को भी गति दी गई है। अब तक, इन किसानों को कुल 08 करोड़ 41 लाख 55 हजार रुपये की राशि का भुगतान उनके बैंक खातों में किया जा चुका है। यह पारदर्शी भुगतान प्रणाली किसानों को राहत प्रदान कर रही है और उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध करा रही है।
पंजीयन और उपार्जन की प्रक्रिया
बालाघाट जिले में समर्थन मूल्य पर अपना चना विक्रय करने के लिए कुल 2609 किसानों ने पंजीयन कराया है। चने की इस खरीदी का कार्य जिले में 30 मार्च 2026 से निरंतर प्रारंभ है। सरकार द्वारा इस वर्ष चने के लिए 5875 रुपये प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई है, जिस पर जिले के समस्त केंद्रों पर खरीद की जा रही है।
शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम और कार्ययोजना के अनुसार, समर्थन मूल्य पर यह चना उपार्जन का कार्य 28 मई 2026 तक निरंतर जारी रहेगा। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए और खरीदी प्रक्रिया को और अधिक गति देने के उद्देश्य से, प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि अब चने की खरीदी शनिवार के दिन भी की जाएगी।
किसानों के लिए प्रशासन की महत्वपूर्ण अपील
उपसंचालक कृषि श्री मालवीय ने पंजीकृत किसानों को विशेष दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि वे अपना चना विक्रय करने के लिए निर्धारित अंतिम तिथि से कम से कम 10 दिन पूर्व अपना स्लॉट बुक करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले के समस्त पंजीकृत किसानों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर स्लाट बुकिंग प्रक्रिया को पूर्ण करें ताकि उनकी उपज की बिक्री में कोई बाधा उत्पन्न न हो।
खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई हैं। खरीदी केंद्र स्तर पर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करें।
कृषि अर्थव्यवस्था और किसानों का सशक्तिकरण
बालाघाट जिले में संचालित यह चना उपार्जन अभियान राज्य सरकार की उन नीतियों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य खेती को लाभकारी बनाना है। जब किसान को समर्थन मूल्य पर उसकी फसल का भुगतान मिलता है, तो वह न केवल आर्थिक रूप से सशक्त होता है, बल्कि वह अगली फसल की तैयारी भी अधिक उत्साह और आत्मविश्वास के साथ कर पाता है।
गोदाम स्तर पर स्थापित ये 08 केंद्र न केवल भंडारण की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये किसानों के लिए पहुंच के स्तर पर भी काफी सुविधाजनक साबित हो रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा की गई मॉनिटरिंग और अधिकारियों की सक्रियता के चलते बालाघाट में चना उपार्जन का कार्य एक मिसाल बन रहा है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि किसानों की उपज का एक-एक दाना समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा और उन्हें उनके अधिकार का भुगतान समय पर सुनिश्चित कराया जाएगा।
Image Source: chatgpt

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