छात्रों के डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित करने की नई पहल: 'मेगा अपार दिवस' का आयोजन
केसली (सागर) - मध्य प्रदेश के स्कूली छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित करने के लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस पहल के तहत, प्रदेश के सभी स्कूलों में आगामी 30 जून तक प्रत्येक शनिवार को 'मेगा अपार दिवस' का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन विद्यार्थियों की 'अपार आईडी' जनरेट करना है, जो अब तक इससे वंचित रह गए हैं।
केसली विकासखंड में तैयारी जोरों पर
सागर जिले के केसली विकासखंड के ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (BRC) राजकुमार अहिरवार ने अभियान की तैयारियों की जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि विकासखंड के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में इस अभियान को अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है।
बीआरसी अहिरवार ने कहा, "हर शनिवार को 'अपार दिवस' के रूप में आरक्षित किया गया है, जिसमें स्कूल स्टाफ विशेष रूप से मौजूद रहकर छूटे हुए छात्र-छात्राओं की प्रोफाइल को अपडेट करेगा और उनकी नई अपार आईडी तैयार करेगा।"
अभिभावकों से अपील
शिक्षा विभाग ने इस डिजिटल मुहिम की सफलता के लिए अभिभावकों की भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण माना है। बीआरसी अहिरवार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के आवश्यक दस्तावेजों के साथ 30 जून तक प्रत्येक शनिवार को स्कूल पहुँचें और प्रक्रिया को समय पर पूरा करवाएं।
क्या है APAAR ID और क्यों है यह जरूरी?
अपार (APAAR - Automated Permanent Academic Account Registry) आईडी को 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' के रूप में जाना जाता है। यह केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है:
- डिजिटल लॉकर: यह 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या होती है, जो विद्यार्थी के आधार कार्ड से लिंक रहती है।
- शैक्षणिक रिकॉर्ड का संग्रह: इसमें छात्र के प्री-प्राइमरी से उच्च शिक्षा तक के सभी शैक्षणिक परिणाम और अन्य अचीवमेंट्स डिजिटल रूप से सुरक्षित रहते हैं।
- ट्रांसफर में आसानी: यह आईडी ट्रांसफर प्रक्रिया को सरल बनाती है, जिससे छात्र का डेटा आसानी से नए स्कूल में शिफ्ट हो जाता है।
आईडी बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज
अभिभावक निम्नलिखित दस्तावेज अपने साथ लेकर जा सकते हैं:
- विद्यार्थी का आधार कार्ड (अपडेटेड मोबाइल नंबर सहित)
- छात्र की समग्र आईडी (मप्र के संदर्भ में)
- पिछली कक्षा की अंकसूची या दाखिला रसीद
विभाग ने सभी प्राचार्यों और शिक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे छात्र-छात्राओं की सूची तैयार करें और जिन बच्चों की आईडी पेंडिंग है, उनके परिजनों से संपर्क स्थापित कर इस शनिवार की समय-सीमा के भीतर काम को पूरा करें।

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