आलोट। शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्री महावीर हायर सेकेंडरी स्कूल, आलोट में सात दिवसीय शिक्षक दक्षता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, नवाचारों और बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं प्रेरक वक्ता नवोदय विद्यालय के प्राचार्य श्री शांतिलाल तेली रहे, जिनका विद्यालय परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। माँ सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

विद्यालय के प्राचार्य श्री मनोज शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में शिक्षकों के लिए निरंतर सीखना और अपने ज्ञान को अद्यतन रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक केवल विषय का अध्यापक नहीं बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का मार्गदर्शक भी होता है।

मुख्य अतिथि श्री शांतिलाल तेली ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में शिक्षक की भूमिका को समाज की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि “जब सीखना रुक जाता है, तब सिखाने की प्रक्रिया भी प्रभावी नहीं रह जाती।” उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की भावनाओं और मनोविज्ञान को समझते हुए संवेदनशील एवं रचनात्मक शिक्षण अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के इस युग में जानकारी का असीमित भंडार उपलब्ध है, लेकिन कोई भी तकनीक शिक्षक का स्थान नहीं ले सकती। शिक्षक ही वह शक्ति है जो ज्ञान को संस्कारों और जीवन मूल्यों से जोड़कर विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ती है। उन्होंने यह भी कहा कि “जब हमारे सामने बड़ा लक्ष्य होता है, तब छोटी-छोटी समस्याएं स्वयं ही महत्वहीन हो जाती हैं।”

प्रशिक्षण के द्वितीय सत्र में शिक्षकों को पूर्व-प्राथमिक, प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक वर्गों के अनुसार अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया। समूह चर्चाओं में नवीन शिक्षण तकनीकों, विद्यार्थियों की अधिगम आवश्यकताओं, कक्षा प्रबंधन, शैक्षणिक नवाचारों तथा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

प्रशिक्षण से पूर्व प्रातःकालीन सत्र योग एवं प्रार्थना के साथ प्रारंभ हुआ, जिसका संचालन श्रीमती वीणा गानू एवं श्री दशरथ शर्मा ने किया। विभिन्न विभागों की ओर से श्रीमती सुनीता परमार, श्रीमती डॉली कदम, श्रीमती सोनिया दुबे एवं श्री नीरज जैन ने समूह चर्चाओं के निष्कर्ष और सुझाव प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती शिखा शर्मा ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्री पुष्कर पाटीदार ने व्यक्त किया।

संपूर्ण कार्यक्रम उत्साह, सहभागिता और सीखने की सकारात्मक भावना से परिपूर्ण रहा। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षताओं को नई दिशा देने के साथ-साथ विद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा।