विदिशा: महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित 'सशक्त वाहिनी' पहल विदिशा जिले की बालिकाओं के लिए एक नई उम्मीद और सफलता का मार्ग बनकर उभरी है। इसी क्रम में आज जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता कांस्बा ने विदिशा स्थित सशक्त वाहिनी क्लास का औचक निरीक्षण किया और वहां अध्ययनरत बालिकाओं से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। यह पहल न केवल शिक्षा को बढ़ावा दे रही है, बल्कि बालिकाओं में आत्मविश्वास का संचार भी कर रही है।

शिक्षा और सशक्तिकरण का अनूठा संगम

सशक्त वाहिनी के अंतर्गत बालिकाओं को न केवल स्कूली शिक्षा का सहयोग दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता कांस्बा ने जब क्लास का दौरा किया, तो उन्होंने पाया कि वहां की बालिकाएं अपने लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। उन्होंने बालिकाओं से उनकी पढ़ाई, विषय चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भविष्य के सपनों पर विस्तार से चर्चा की।

कलेक्टर की विशेष पहल का धरातल पर असर

श्रीमती कांस्बा ने स्पष्ट किया कि 'सशक्त वाहिनी' विदिशा के कलेक्टर महोदय की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी पहल है। इस योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण और शहरी पृष्ठभूमि की ऐसी बालिकाओं को एक मंच प्रदान करना है, जो संसाधन की कमी या सही मार्गदर्शन के अभाव में अपने सपनों को उड़ान नहीं दे पा रही थीं। उन्होंने कहा कि यह क्लास सिर्फ एक कोचिंग केंद्र नहीं, बल्कि बालिकाओं के सपनों को हकीकत में बदलने का एक केंद्र है।

आत्मविश्वास और निरंतरता का मंत्र

संवाद के दौरान श्रीमती कांस्बा ने बालिकाओं को सफलता के सूत्र दिए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:

  • आत्मविश्वास: किसी भी बड़ी परीक्षा को पास करने के लिए स्वयं पर विश्वास होना सबसे आवश्यक है।

  • निरंतरता: कड़ी मेहनत और नियमित अध्ययन (Consistency) का कोई विकल्प नहीं है।

  • लक्ष्य पर दृष्टि: उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास सच्चे हों, तो सफलता अवश्य मिलती है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूकता

जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बालिकाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आजकल की प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में खुद को साबित करना है। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि वे केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि सामान्य ज्ञान, तर्कशक्ति (Reasoning) और सामयिक विषयों (Current Affairs) पर भी पकड़ मजबूत करें।

प्रशिक्षकों से फीडबैक और भविष्य की कार्ययोजना

निरीक्षण के दौरान श्रीमती कांस्बा ने सशक्त वाहिनी में पढ़ा रहे प्रशिक्षकों के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

  1. उपस्थिति का आकलन: बालिकाओं की नियमित उपस्थिति पर जोर दिया गया ताकि वे कोई भी सत्र न छोड़ें।

  2. अध्ययन प्रगति: प्रशिक्षकों से प्रत्येक बालिका की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा रिपोर्ट मांगी गई।

  3. सुधारात्मक कदम: यदि किसी विषय में छात्राएं कमजोर हैं, तो उन्हें अतिरिक्त समय देने और विशेष मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु निर्देश दिए गए।

  4. संसाधनों की उपलब्धता: क्लास में आवश्यक शिक्षण सामग्री और अन्य सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बालिकाओं का उत्साह

सशक्त वाहिनी क्लास में पहुंची श्रीमती कांस्बा को अपने बीच पाकर छात्राएं काफी उत्साहित नजर आईं। बालिकाओं ने अपनी तैयारियों के अनुभव साझा किए। कई छात्राओं ने बताया कि सशक्त वाहिनी से जुड़ने के बाद उनकी गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों के प्रति घबराहट दूर हुई है और अब वे आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवेदन कर रही हैं।

भविष्य की दिशा

विदिशा जिले में इस प्रकार की पहल से बालिकाओं के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव आया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी के इस दौरे ने न केवल प्रशासन और छात्राओं के बीच एक सीधा संवाद स्थापित किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि जिला प्रशासन बालिकाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर पूरी तरह गंभीर है। आने वाले समय में सशक्त वाहिनी के माध्यम से कई और बालिकाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार करती हुई नजर आएंगी।

Image Source: gemini ai