कृषि वर्ष 2026 के अंतर्गत कृषकों के कल्याण एवं कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में विदिशा जिले ने प्रदेशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड के माध्यम से सभी जिलों के कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। अगस्त माह की प्रगामी रैंकिंग में विदिशा जिला मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में अव्वल रहा है। जिले ने 42.95 स्कोर प्राप्त कर पहली रैंक हासिल की है, जो कि प्रशासन और विभागीय समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है।

रैंकिंग की स्थिति और अन्य जिलों का प्रदर्शन

मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड के अंतर्गत अगस्त माह की जारी प्रगामी रैंकिंग में विदिशा जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

  • प्रथम स्थान: विदिशा जिला (स्कोर: 42.95)

  • द्वितीय स्थान: सतना जिला

  • तृतीय स्थान: सीहोर जिला

विदिशा जिले द्वारा प्राप्त यह 42.95 का स्कोर यह दर्शाता है कि जिले में कृषि और उससे जुड़े तमाम विभागों की योजनाओं का धरातल पर कितनी मजबूती से क्रियान्वयन किया जा रहा है। सतना और सीहोर जैसे जिलों को पीछे छोड़ते हुए विदिशा ने यह मुकाम हासिल किया है।

मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड की रूपरेखा और उद्देश्य

राज्य शासन द्वारा कृषि वर्ष 2026 में किसानों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, पारदर्शिता तथा परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड' तैयार किया गया है।

  • पारदर्शिता और मॉनिटरिंग: इस डैशबोर्ड के माध्यम से शासन स्तर पर सभी योजनाओं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाती है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता बनी रहती है।

  • प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI): इसके अंतर्गत किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग सहित उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मछुआ कल्याण एवं सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (KPI) निर्धारित किए गए हैं।

  • ऑनलाइन प्रविष्टि एवं मूल्यांकन: डैशबोर्ड के माध्यम से सभी जिलों की निर्धारित केपीआई के आधार पर योजनावार प्रगति की ऑनलाइन प्रविष्टि की जाती है।

  • सत्यापन प्रक्रिया: संबंधित विभागाध्यक्षों द्वारा सत्यापित जानकारी के आधार पर जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है तथा प्राप्त उपलब्धियों के अनुरूप प्रदेश स्तर पर रैंकिंग निर्धारित की जाती है। इसी वैज्ञानिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत अगस्त माह की प्रगामी रैंकिंग में विदिशा जिले ने सर्वाधिक स्कोर अर्जित किया है।

शामिल प्रमुख विभाग और उनकी भूमिका

किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए केवल कृषि विभाग ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़े अन्य संबद्ध विभागों का सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड के अंतर्गत जिन प्रमुख विभागों की गतिविधियों और योजनाओं का मूल्यांकन किया जाता है, उनमें निम्नलिखित विभाग शामिल हैं:

  1. किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग: फसलों के उत्पादन, उन्नत बीजों, उर्वरकों और केंद्रीय-राज्यीय योजनाओं के लाभ वितरण को सुनिश्चित करना।

  2. उद्यानिकी विभाग: फल, फूल, और सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ ड्रिप सिंचाई और पॉलीहाउस जैसी तकनीकों का प्रसार करना।

  3. पशुपालन एवं डेयरी विभाग: दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने, पशुओं के टीकाकरण और नस्ल सुधार कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन करना।

  4. मछुआ कल्याण विभाग: मत्स्य पालन से जुड़े किसानों और मछुआरों के आर्थिक उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं का क्रियान्वयन।

  5. सहकारिता विभाग: किसानों को कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराने और सहकारिता के माध्यम से कृषि विपणन को सुदृढ़ बनाने का कार्य।

जिला प्रशासन का मार्गदर्शन और प्रशासनिक प्रयास

विदिशा जिले की इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे जिला प्रशासन की कड़ी मेहनत, दूरदर्शी सोच और नियमित मॉनिटरिंग का बड़ा हाथ है।

  • कलेक्टर का मार्गदर्शन: कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले में कृषि एवं इससे जुड़े सभी विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जा रही है।

  • लक्ष्यों की प्राप्ति पर जोर: योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति, अंतिम छोर तक के हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा विभागीय गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

  • समन्वय और संवाद: कलेक्टर द्वारा समय-समय पर दिए जा रहे दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं की प्रगति को लगातार गति दे रहे हैं।

भविष्य की दिशा और प्रेरणा

विदिशा जिले की यह उपलब्धि न केवल जिला प्रशासन, बल्कि कृषि एवं संबद्ध विभागों के सभी अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों, नियमित मॉनिटरिंग और योजनाओं के लक्ष्य आधारित क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना पूरे जिले के लिए एक गौरव का विषय है। यह उपलब्धि आने वाले समय में कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अन्य जिलों और विभागों के लिए भी एक प्रेरणादायी मिसाल साबित होगी। राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप विदिशा जिला आने वाले महीनों में भी अपनी इस सर्वोच्च स्थिति को बनाए रखने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

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