बैतूल। भीमपुर तहसील क्षेत्र के आदिवासी समुदाय द्वारा विभिन्न समस्याओं को लेकर माननीय राज्यपाल के नाम तहसीलदार भीमपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में आदिवासी समाज ने बिजली कटौती, सामुदायिक वनाधिकार पत्र, अवैध अतिक्रमण, संभावित विस्थापन सहित कई मुद्दों पर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि विकासखंड भीमपुर के ग्राम खैरा, नहरपुर और बालू में विद्युत ठेकेदार राजेन्द्र कौशल द्वारा ट्रांसफार्मर हैंडओवर के नाम पर किसानों से शुल्क लिया गया, लेकिन ट्रांसफार्मर विद्युत विभाग को सौंपे नहीं गए। इसके बाद विभाग द्वारा खेतों की बिजली काट दी गई, जिससे किसानों की फसल सूखने की स्थिति बन गई है। आदिवासी समाज ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई और किसानों पर लगाए गए जुर्माने को वापस लेने की मांग की।
इसके अलावा भीमपुर क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती बंद करने, ग्राम सुनानीमा में आदिवासी देवस्थान की जमीन से अतिक्रमण हटाने तथा वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत सामुदायिक वनाधिकार पत्र प्रदान करने की मांग भी की गई। बोहटा पोपटी क्षेत्र में कोरकू समाज के देवस्थान के लिए पारित ग्रामसभा प्रस्ताव के बावजूद वनाधिकार पत्र नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताई गई।
ज्ञापन में ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना और मेलघाट अभ्यारण्य क्षेत्र विस्तार से बैतूल एवं आसपास के कई गांवों के संभावित विस्थापन का विरोध करते हुए किसी भी प्रकार का विस्थापन नहीं करने की मांग रखी गई। साथ ही ग्राम चौहटा व पोपटी में बीएसएनएल टावर चालू कराने तथा दामजीपुरा में आदिवासियों की जलाई गई दुकानों के लिए मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई।
भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष अनिल उइके सहित विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में उल्लेखित समस्याओं पर जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि केंद्रीय जनजाति मंत्री, मुख्यमंत्री, आईजी नर्मदापुरम संभाग, कलेक्टर बैतूल, पुलिस अधीक्षक एवं वन मंडल अधिकारी को भी भेजी गई है।

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