आमला। शहर में पदस्थ कई शासकीय अधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन बैतूल से आमला आना-जाना कर रहे हैं, जिससे सरकारी वाहनों के उपयोग और समय पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कर्मचारी आमला में रहने के बजाय रोजाना बैतूल से आते-जाते हैं, जिससे कार्यालय समय पर नहीं खुल पाते और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार कई बार अधिकारी और कर्मचारी दोपहर 12 बजे या 1 बजे तक आमला पहुंचते हैं, जिससे काम कराने आए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीण और हितग्राही सुबह से ही कार्यालयों के बाहर पहुंच जाते हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी के देर से आने के कारण काम प्रभावित होता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अधिकारी और कर्मचारी आमला में ही निवास करें तो सरकारी कामकाज समय पर हो सकेगा और पेट्रोल-डीजल पर होने वाले अतिरिक्त खर्च से भी बचत होगी। लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि रोजाना बैतूल से आमला आना-जाना किया जा रहा है तो सरकारी संसाधनों का अनावश्यक उपयोग तो नहीं हो रहा।
शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और आवश्यक हो तो स्थानीय स्तर पर रहने की व्यवस्था को भी प्रोत्साहित किया जाए, ताकि आम जनता को होने वाली परेशानी कम हो सके।

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