बालाघाट जिले के प्रभावित ग्रामों में नागरिकों के स्वास्थ्य और राहत कार्यों का संचालन लगातार युद्धस्तर पर जारी है। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की समर्पित टीमें घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक दवाइयों का वितरण तथा समय पर उपचार सुनिश्चित कर रही हैं। इस राहत अभियान के तहत जिला चिकित्सालय में मरीजों के बेहतर इलाज से लेकर स्वच्छता, पोषण और पशु चिकित्सा तक के सभी कार्य प्रभावी रूप से किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सा शिविर की प्रगति

प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार मुस्तैद है। इसके अंतर्गत प्रमुख आंकड़े और गतिविधियां इस प्रकार हैं:

  • मरीजों की स्थिति: एहतियात के तौर पर बेहतर उपचार के लिए 23 अगस्त को 12 व्यक्तियों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया था। अब तक जिला चिकित्सालय भेजे गए कुल 229 मरीजों में से 201 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, जबकि 28 मरीज वर्तमान में उपचाररत हैं।

  • घर-घर स्वास्थ्य सर्वेक्षण: स्वास्थ्य सर्वेक्षण के दौरान अब तक कुल 3,811 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 798 लोग विभिन्न बीमारियों से प्रभावित पाए गए।

  • उपचार के आंकड़े: इनमें से 201 मरीजों को अस्पताल में तथा 569 मरीजों को उनके घर पर ही उचित उपचार देकर स्वस्थ किया गया है।

  • तैनात दल एवं संसाधन: प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य निगरानी के लिए 20 सर्वेक्षण टीमें तैनात की गई हैं, तथा मरीजों की जांच और उपचार हेतु 10 चिकित्सा अधिकारी, 4 एम्बुलेंस और 4 पीएम जनमन एएनएमएमयू की सेवाएं लगाई गई हैं।

  • बच्चों का स्वास्थ्य और टीकाकरण: सर्वे के दौरान 715 बच्चों को विटामिन-ए, ओआरएस एवं जिंक की खुराक, 678 बच्चों को आयरन सिरप और 572 बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोलियां दी गईं। इसके अलावा, 23 अगस्त को आयोजित 5 टीकाकरण सत्रों में 277 बच्चों का टीकाकरण किया गया, जिससे अब तक कुल 109 सत्रों में 3,959 बच्चों का टीकाकरण हो चुका है।

मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम और प्रशासनिक निरीक्षण

मच्छरजनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर防त्मक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं:

  • कीटनाशक और फॉगिंग: 23 अगस्त को 20 गांवों के 2,652 घरों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया, 18 ग्रामों में इंडोर तथा आउटडोर फॉगिंग कराई गई और 20 ग्रामों में लार्वा सर्वे का कार्य पूरा किया गया।

  • अधिकारियों का निरीक्षण: जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सर्राफ ने प्रभावित ग्रामों का दौरा कर वहां चलाए जा रहे स्वास्थ्य संबंधी कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण और स्वच्छता कार्य

प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं के पोषण तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है:

  • आंगनबाड़ी केंद्रों की सफाई: बिरसा विकासखंड के 16 ग्रामों के कुल 33 आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष रूप से साफ-सफाई कराई गई है।

  • भोजन और टीएचआर वितरण: इन केंद्रों के 791 बच्चों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया गया। बैहर विकासखंड के 20 और बिरसा विकासखंड के 33 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों तथा महिलाओं को उनके घर पर भी भोजन पहुंचाया गया। साथ ही, बिरसा विकासखंड के 33 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को टेक होम राशन (THR) का सुचारू वितरण किया गया।

पेयजल शुद्धता, हैंडपंप सुधार और स्वच्छता गतिविधियां

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जल स्रोतों और मार्गों की स्वच्छता के लिए निम्नलिखित कार्य किए गए:

  • क्लोरीनेशन और जल परीक्षण: बैहर विकासखंड के 2 ग्रामों में 6 स्थानों पर ब्लीचिंग का छिड़काव किया गया। बैहर के 4 ग्रामों में 16 तथा बिरसा के 4 ग्रामों में 26 जलस्रोतों का क्लोरीनेशन किया गया। जल गुणवत्ता की जांच हेतु बैहर के 3 ग्रामों से 7 तथा बिरसा के 2 ग्रामों से 5 जलस्रोतों के नमूने लिए गए।

  • हैंडपंप सुधार: बैहर के 3 ग्रामों में 3 और बिरसा के 2 ग्रामों में 2 खराब हैंडपंपों का सुधार कार्य किया गया।

  • सफाई एवं डार्क स्पॉट की सफाई: बैहर के 4 ग्रामों में 8 स्थानों पर जलस्रोतों के पास सफाई की गई। बैहर के एक और बिरसा के दो ग्रामों में नालियों की सफाई कराई गई। बिरसा के एक ग्राम में सड़क मार्ग की सफाई व सुधार तथा 10 ग्रामों में 14 स्थानों पर डार्क स्पॉट की सफाई कराई गई।

छात्रावासों में मच्छरदानी वितरण, राशन और पशु चिकित्सा

  • मच्छरदानियों का वितरण: जनजातीय कार्य विभाग द्वारा विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए बैहर विकासखंड के 26 छात्रावासों में 1,300 एवं 6 आश्रमों में 300 मच्छरदानियां उपलब्ध कराई गईं। इसी प्रकार बिरसा के 32 छात्रावासों में 1,600 एवं 8 आश्रमों में 400 मच्छरदानियां वितरित की गईं। संस्थाओं में पानी की टंकियों की सफाई और नियमित परिसर स्वच्छता भी सुनिश्चित की गई है।

  • राशन वितरण: खाद्य विभाग द्वारा 23 अगस्त को बैहर के एक ग्राम के 59 परिवारों और बिरसा के 2 ग्रामों के 64 परिवारों को ‘राशन आपके द्वार’ योजना तथा उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से खाद्यान्न वितरित किया गया।

  • पशु चिकित्सा: पशु चिकित्सा विभाग द्वारा बैहर के एक ग्राम में 14 पशुओं की जांच कर 4 का टीकाकरण किया गया, तथा बिरसा के 3 ग्रामों में 63 पशुओं का परीक्षण व 12 पशुओं का HSBQ टीकाकरण किया गया।

  • सामग्री वितरण एवं जागरूकता: सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा 200 परिवारों को मच्छरदानी, साबुन और वॉशिंग पाउडर की किट वितरित की गई, तथा नागरिकों को व्यक्तिगत स्वच्छता और घरेलू उपचार के बजाय समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।

Image Source: balaghat.mpinfo.org