बालाघाट जिले के नगरीय निकायों के आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया जोर-शोर से शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में 19 मई को बालाघाट जिला कलेक्ट्रेट में स्टैंडिंग कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जीएस धुर्वे ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूर्णतः त्रुटिहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना था, ताकि आगामी नगरीय निकाय चुनाव में हर पात्र नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

पारदर्शी और त्रुटिहीन सूची प्रशासन की प्राथमिकता

बैठक को संबोधित करते हुए अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची किसी भी चुनाव की नींव होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि सूची को इतना पारदर्शी बनाया जाए कि किसी भी प्रकार की तकनीकी या मानवीय त्रुटि न रहे। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को केवल एक प्रशासनिक कार्य न समझें, बल्कि इसे लोकतंत्र को मजबूत करने का एक माध्यम मानकर सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की:

  • पात्र मतदाताओं का नामांकन: 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके जिले के युवाओं को मतदाता सूची में प्राथमिकता के आधार पर जोड़ने के निर्देश दिए गए।

  • मृत और स्थानांतरित मतदाताओं का विलोपन: सूची में लंबे समय से दर्ज मृत व्यक्तियों के नाम और जो मतदाता अब उस क्षेत्र में निवासरत नहीं हैं, उनके नामों को नियमानुसार विलोपित करने की प्रक्रिया पर बल दिया गया।

  • दोहरे नामों की समाप्ति: एक ही मतदाता का नाम दो अलग-अलग वार्डों या सूचियों में होने पर उसे चिह्नित कर शुद्धिकरण करने की प्रक्रिया को तेज करने को कहा गया।

राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी

लोकतंत्र की खूबसूरती इसी बात में है कि जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे संवेदनशील कार्य में सभी राजनीतिक दल एक मंच पर आकर चर्चा करते हैं। बालाघाट में संपन्न इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और मतदाता सूची की खामियों को दूर करने के लिए अपने सुझाव दिए। बैठक में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधियों में शामिल रहे:

  • आम आदमी पार्टी से जिला अध्यक्ष श्री शिव जायसवाल और मदनराम बघेल।

  • मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से श्री वाय.आर. बिसेन।

  • भारतीय जनता पार्टी से श्री संजय अग्निहोत्री और जिला कार्यालय मंत्री श्री सुमित यादव।

  • कांग्रेस की ओर से पूर्व पार्षद पन्ना शर्मा, वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद श्री युगराज लिल्हारे और स्टेट कोऑर्डिनेटर श्री रजनीश नायडू।

  • बहुजन समाज पार्टी से जिला अध्यक्ष इंजीनियर महेंद्र सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति।

इन सभी प्रतिनिधियों ने प्रशासन के साथ अपने-अपने सुझाव साझा किए और मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

जन-भागीदारी और जागरूकता का महत्व

उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री जीएस धुर्वे ने बताया कि पुनरीक्षण कार्य केवल सरकारी अधिकारियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से आम जनता को इस पुनरीक्षण कार्यक्रम के बारे में जागरूक करें। हर वार्ड और बूथ स्तर पर जाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र नागरिक अपना नाम लिखवाने से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि यदि सूची में कोई त्रुटि हो, तो उसे समय रहते सुधारा जा सके, इसके लिए दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के बारे में भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

निष्पक्ष चुनाव की दिशा में बालाघाट प्रशासन का कदम

बैठक के समापन पर श्री धुर्वे ने कहा कि बालाघाट जिले के नगरीय निकायों के आगामी चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि राजनीतिक दलों के सहयोग से जो अंतिम मतदाता सूची तैयार होगी, वह जिले के नागरिकों के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

यह बैठक न केवल मतदाता सूची के तकनीकी पहलुओं को सुलझाने के लिए थी, बल्कि यह जिले में एक स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा को बढ़ावा देने का भी एक माध्यम बनी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि समयबद्ध तरीके से पुनरीक्षण कार्य को पूरा कर लिया जाएगा ताकि आगामी चुनावों की आधिकारिक घोषणा के समय कोई भी कानूनी या प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो। बालाघाट के नागरिक अब इस प्रक्रिया के पूर्ण होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपने वार्ड के भविष्य का चुनाव सही तरीके से कर सकें।

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