प्रतीकात्मक फोटो फोटो साभार Wikimedia Commons / Erkaha, CC BY-SA 4.0
ऑनलाइन वॉकी-टॉकी खरीदने जा रहे हैं तो पहले उसकी फ्रीक्वेंसी और लाइसेंस की जानकारी देख लें। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ऐसी जानकारी छिपाने वाले विज्ञापनों पर कार्रवाई तेज कर दी है।
CCPA ने हॉगर टेक्नोलॉजीज एंड इनोवेशंस LLP पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। अब तक 12 कंपनियों पर कुल ₹58 लाख का जुर्माना लगाया जा चुका है। उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने 25 अक्टूबर 2026 को यह जानकारी दी।
आज जानेंगे कि-
- CCPA ने किस बात पर कार्रवाई की?
- कौन सा वॉकी-टॉकी बिना लाइसेंस चल सकता है?
- खरीदने से पहले क्या देखें?
सवाल- हॉगर टेक्नोलॉजीज पर जुर्माना क्यों लगा?
जवाब- CCPA के मुताबिक कंपनी की वेबसाइट पर वॉकी-टॉकी की लिस्टिंग में ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी, लाइसेंस की जरूरत और नियामक मंजूरियों की साफ जानकारी नहीं थी। इससे ग्राहक यह समझ सकते थे कि डिवाइस बिना मंजूरी के कानूनी तौर पर चलाया जा सकता है। आदेश मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा की अगुआई वाले CCPA ने उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 के तहत दिया।
सवाल- कंपनी ने अपने बचाव में क्या कहा?
जवाब- कंपनी ने कहा कि उसके पास डीलर पजेसिंग लाइसेंस (DPL) है और डिवाइस के पास Equipment Type Approval (ETA) सर्टिफिकेशन है। उसका तर्क था कि वेबसाइट पर सीधी ऑनलाइन खरीद नहीं होती। CCPA ने कहा कि मंजूरी होने से खरीद से पहले ग्राहक को पूरी जानकारी देने की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। पेमेंट गेटवे या शॉपिंग कार्ट न होने पर भी वेबसाइट का प्रचार भ्रामक विज्ञापन के दायरे में आता है।
सवाल- कौन सा वॉकी-टॉकी बिना लाइसेंस चल सकता है?
जवाब- 2018 के लाइसेंस छूट नियमों के तहत 446.0 से 446.2 MHz फ्रीक्वेंसी पर चलने वाले पर्सनल मोबाइल रेडियो को लागू शर्तों के साथ लाइसेंस से छूट है। इस दायरे से बाहर चलने वाले वायरलेस डिवाइस पर संबंधित नियामक शर्तें लागू होती हैं।
सवाल- ई-कॉमर्स कंपनियों पर क्या कार्रवाई हुई?
जवाब- CCPA ने खुद संज्ञान लेकर जांच की तो 16,970 से ज्यादा लिस्टिंग नियमों के मुताबिक नहीं मिलीं। Amazon, Flipkart, Meesho, Meta (Facebook Marketplace), JioMart, IndiaMART और TradeIndia समेत 13 ई-कॉमर्स कंपनियों को नोटिस भेजे गए।

सवाल- किस पर कितना जुर्माना लगा?
जवाब- CCPA के मुताबिक अब तक 12 कंपनियों पर अंतिम आदेश के तहत कुल ₹58 लाख जुर्माना लगा है…
- ₹10 लाख हर एक पर. Amazon Seller Services, Flipkart Internet, Meesho, Meta Platforms और TradeIndia (Infocom Network)।
- ₹1 लाख हर एक पर. JioMart (Reliance Retail), Chimiya, MaskMan Toys, Talk Pro (Iconet Services), Sanchar Wireless Communications, Antriksh Technosys और Hogar Technologies and Innovations LLP।
सवाल- क्या कंपनियों ने आदेश को चुनौती दी है?
जवाब- हां। Amazon और Flipkart ने कर्नाटक हाईकोर्ट में आदेश को चुनौती दी है। Meta और TradeIndia ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) का रुख किया है। NCDRC ने TradeIndia को जुर्माने की रकम जमा करने को कहा है। IndiaMART ने CCPA की कार्यवाही को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जबकि मामला अभी प्राधिकरण के सामने विचाराधीन है।
सवाल- वॉकी-टॉकी खरीदने से पहले क्या देखें?
जवाब- CCPA के मुताबिक विज्ञापन और लिस्टिंग में ऑपरेटिंग फ्रीक्वेंसी, लाइसेंस की जरूरत और दूसरी जरूरी नियामक जानकारी साफ लिखी होनी चाहिए। नीचे ग्राफिक में देखिए…

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
किस फ्रीक्वेंसी के वॉकी-टॉकी को लाइसेंस से छूट है?
446.0 से 446.2 MHz वाले पर्सनल मोबाइल रेडियो को, लागू शर्तों के साथ।
CCPA ने कुल कितना जुर्माना लगाया?
12 कंपनियों पर कुल ₹58 लाख।
CCPA का आदेश कहां देखें?
CCPA की वेबसाइट ccpa.doca.gov.in पर।
स्रोत PIB, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण
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