प्रतीकात्मक तस्वीर, बंगाल की खाड़ी में 2019 के चक्रवात फानी की सैटेलाइट इमेज। यह चक्रवात अरनब की तस्वीर नहीं है। फोटो साभार Wikimedia Commons / NOAA, Public domain

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान अरनब तेजी से आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमान के मुताबिक यह 28 अक्टूबर 2026 की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम तट को पार करेगा।

तट पार करते समय यह बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान होगा। हवा की रफ्तार 115 से 125 किमी प्रति घंटा रहेगी और झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। केंद्र सरकार ने 26 अक्टूबर को इसकी तैयारियों की समीक्षा की।

विशाखापत्तनम से 650 किमी दूर था तूफान

पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की 26 अक्टूबर की विज्ञप्ति के मुताबिक उस दिन सुबह 5.30 बजे अरनब पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी में था। यह श्री विजयपुरम (अंडमान) से करीब 590 किमी उत्तर पश्चिम, विशाखापत्तनम से करीब 650 किमी पूर्व दक्षिण पूर्व और बापटला से करीब 910 किमी पूर्व में था।

IMD के अनुसार 27 अक्टूबर को इसके बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान बनने का अनुमान है।

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तट पार करने के बाद 3 राज्यों में असर

केंद्र की बैठक में बताया गया कि लैंडफॉल के बाद तूफान का असर इन इलाकों में रहेगा…

कहां रहेगा असर

  • तेलंगाना के कई जिले
  • दक्षिणी ओडिशा के जिले
  • छत्तीसगढ़ का दक्षिणी और मध्य हिस्सा
  • पूर्वी UP और बिहार में भी ज्यादा बारिश की आशंका, गृह मंत्रालय और IMD को इन्हें अलर्ट करने के निर्देश

IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 27 और 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगह अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है। ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए 28 अक्टूबर की रेड वार्निंग है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

मैप से समझें, किन राज्यों पर रहेगा चक्रवात का असर
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कैबिनेट सचिव ने रखा जीरो कैजुअल्टी का लक्ष्य

कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने 26 अक्टूबर को राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) की बैठक की। इसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पुडुचेरी के मुख्य सचिव या वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। PIB के मुताबिक उन्होंने कहा कि लक्ष्य जान का कोई नुकसान न होने देना और संपत्ति व ढांचे का नुकसान कम से कम रखना होना चाहिए।

NDRF की टीमें तैनात, सेना भी तैयार

NDRF ने बैठक में बताया कि उसकी टीमें तैनात कर दी गई हैं और अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर हैं। थल सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक बल की बचाव और राहत टीमें भी तैयार रखी गई हैं।

मध्यप्रदेश पर असर को लेकर क्या

केंद्र की समीक्षा बैठक की विज्ञप्ति में मध्यप्रदेश का नाम नहीं है। पड़ोसी छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य हिस्से में असर की बात कही गई है। मध्यप्रदेश के लिए IMD भोपाल का ताजा बुलेटिन आते ही StateNews इसकी जानकारी देगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

चक्रवात अरनब कब और कहां तट से टकराएगा?

IMD के अनुसार 28 अक्टूबर 2026 की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम तट पर।

अरनब के समय हवा कितनी तेज होगी?

115 से 125 किमी प्रति घंटा, झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक।

किन राज्यों पर असर होगा?

आंध्र प्रदेश, यानम, तेलंगाना, दक्षिणी ओडिशा, दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़। पूर्वी UP और बिहार में भी ज्यादा बारिश की आशंका है।

क्या मध्यप्रदेश में भी बारिश होगी?

केंद्र की समीक्षा विज्ञप्ति में मध्यप्रदेश का जिक्र नहीं है। IMD भोपाल का बुलेटिन देखें।

स्रोत PIB, भारत मौसम विज्ञान विभाग