चांदपुर गौशाला में अव्यवस्थाओं पर फूटा "साथी हाथ बढ़ाना आपदा प्रबंधन" का गुस्सा
डबरा चांदपुर गौशाला बदहाल, नगर पालिका की लापरवाही उजागर — कर्मचारियों को 1 साल से नहीं मिली तनख्वाह

डबरा नगर पालिका की बड़ी लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। चांदपुर स्थित गौशाला की बदहाल स्थिति ने न केवल व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है, बल्कि गौवंश की जिंदगी को भी खतरे में डाल दिया है। हैरानी की बात यह है कि यहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी लगभग एक साल से वेतन नहीं मिला है।

डबरा के चांदपुर गौशाला में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। यहां न तो साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था है और न ही पर्याप्त चारा व पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है, जिससे गौवंश बीमारियों की चपेट में आ रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि गौशाला की जिम्मेदारी संभालने वाली नगर पालिका आखिर कर क्या रही है? लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी हकीकत बदहाल नजर आ रही है।

इतना ही नहीं, गौशाला में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी अपनी पीड़ा बयां की है। उनका कहना है कि उन्हें लगभग एक साल से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद वे मजबूरी में काम करने को विवश हैं।

स्थिति से नाराज होकर समाजसेवी संस्था “साथी हाथ बढ़ाना आपदा प्रबंधन समिति” के सदस्य मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गौवंश की दयनीय हालत देखकर उन्होंने नगर पालिका के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।

संस्था के पदाधिकारी महेंद्र सिंह तोमर ‘चिंटू’ ने कहा कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया और कर्मचारियों का बकाया वेतन जारी नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

स्थानीय नागरिकों का भी कहना है कि गौशाला की दुर्दशा और कर्मचारियों के साथ हो रही अनदेखी, नगर पालिका की असफलता का जीता-जागता उदाहरण है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।