कोयले की कालिख में घुटता धनपुरी: 10 दिन में नहीं हुई कार्रवाई तो होगा उग्र आंदोलन

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकित सिंह ने उठाई जनता की आवाज, युवाओं को रोजगार देने की भी मांग

धनपुरी/शहडोल। औद्योगिक विकास की चकाचौंध के पीछे छिपी अव्यवस्था, कोल डस्ट के जहरीले गुबार और बदहाल बुनियादी ढांचे के चलते धनपुरी नगर की स्थिति गंभीर होती जा रही है। नगरवासियों की पीड़ा अब जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुखर हो रही है। इसी क्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बुढ़ार के अध्यक्ष अंकित सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने South Eastern Coalfields Limited (SECL) के सोहागपुर क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक बी.के. जेना को एक तीखा और चेतावनी भरा ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में धनपुरी नगर के भीतर व्याप्त "विनाशकारी हालात" पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए 10 दिनों के भीतर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समयसीमा के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो उग्र जनआंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी।

मुख्य मुद्दे

  • सड़क जर्जर स्थिति: रीवा-अमरकंटक मुख्य मार्ग की दुर्दशा पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने 10 दिनों के भीतर पुनर्निर्माण की मांग की है।
  • कोल डस्ट का प्रभाव: कोल डस्ट ने पूरे नगर को अपनी गिरफ्त में ले लिया है, जिससे श्वसन एवं फेफड़ों की बीमारियां फैल रही हैं। नियमित पानी का छिड़काव और सफाई की मांग की गई है।
  • अवैध निर्माण: वार्ड क्रमांक 07, छोटी अमलाई में अवैध और असुरक्षित निर्माण कार्यों पर रोक लगाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

अंकित सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि "धनपुरी नगर को कोयले की कालिख में झोंककर केवल मुनाफा कमाया जा रहा है। यदि 10 दिनों के भीतर हालात नहीं सुधरे, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।" उन्होंने यह भी मांग उठाई कि कोल डस्ट से प्रभावित क्षेत्रों के स्थानीय युवाओं को खदानों में रोजगार में प्राथमिकता दी जाए।

कांग्रेस नेता इबरार खान ने गोफ एरिया में पानी की टंकी निर्माण पर तीखा सवाल उठाया, वहीं प्रदेश सचिव जुल्फकार अली ने कहा कि "धनपुरी नगर का व्यापार लगभग चौपट हो चुका है। अब जनता विकास के नाम पर केवल कोयले की धूल ही देख रही है।"

इस अवसर पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से राम सिंह, संतोष सिंह, इबरार खान, राम सजीवन शर्मा, मोहम्मद आजाद, प्रशांत जैन, जुल्फकार अली, नेहा खान, सुजाता बैरागी, विमल सिंह, अदना खान, सुमन वर्मा, जूली बैरागी, आरिफ अफरीदी, इंद्र कुमार मिश्रा, ओंकार सिंह, सूर्या सिंह, विक्की पटेल, निक्की तिवारी, मोहन यादव, आदिल ख़ान, भुनेश्वर प्रजापति, अनिकेत, कनिका, कृष्णा कुमार प्रजापति, आकाश यादव, अलबाब ख़ान, अजय पनिका, छोटू पनिका, राहुल कोल, रवि पनिका, शुभांशु सिंह, गौतम महतो, बंटी महतो एवं मोहन कुमार, मोहशिन खान सहित सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

समापन में यह स्पष्ट संकेत मिला कि अब धनपुरी की जनता केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होने वाली। यदि समय रहते प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह असंतोष एक बड़े जनआंदोलन में परिवर्तित होकर पूरे क्षेत्र को आंदोलित कर सकता है। आने वाले 10 दिन यह तय करेंगे कि हालात सुधरते हैं या संघर्ष की आग और भड़कती है।