आमला। तहसील आमला के ग्राम हरण्या में शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों को हटाया। राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा चलाए गए इस अभियान में शासकीय आबादी भूमि तथा पहाड़ी चट्टानों पर किए गए अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम हरण्या में कुछ लोगों द्वारा बिना किसी वैधानिक अनुमति के शासकीय आबादी भूमि एवं पहाड़ी क्षेत्र पर स्थायी आवास बनाकर कब्जा कर लिया गया था। इस संबंध में प्रशासन को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों की जांच के बाद बोरदेही के नायब तहसीलदार द्वारा संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध बेदखली आदेश जारी किए गए थे।

बेदखली आदेश के पालन में 4 जून 2026 को प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों को हटाया। इस दौरान दीपक बेले, कमला पति हेमराज, सुरेश पिता किशोरी, सोमेंद्र सातनकर एवं सुखचंद पिता सुंदरलाल द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाकर शासकीय भूमि को मुक्त कराया गया।

कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मौके पर सहायक कलेक्टर श्री पुष्पराज, एसडीएम आमला, एसडीओपी मुल्ताई, तहसीलदार आमला, जनपद पंचायत आमला के सीईओ, थाना प्रभारी बोरदेही सहित राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिले में शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमणों की लगातार निगरानी की जा रही है और जहां भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने से भविष्य में सार्वजनिक उपयोग के कार्यों और विकास योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध हो सकेगी। वहीं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा न करें।