आमला/खेड़ली बाजार। क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाने से आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्राम मोरखा सहित आसपास के दर्जनों गांवों में शराब ठेकेदार द्वारा निजी वाहनों के माध्यम से नियमों के विपरीत शराब पहुंचाकर गांव-गांव बिक्री कराने के आरोप लगाए जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद आबकारी विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से अवैध कारोबार को खुला संरक्षण मिल रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि शासन के स्पष्ट नियमों के अनुसार शराब का विक्रय केवल अधिकृत शराब दुकान के बिक्री काउंटर से ही किया जा सकता है। दुकान के बाहर अथवा अन्य स्थानों पर शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है और ऐसा पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान भी है। इसके बावजूद क्षेत्र में खुलेआम निजी वाहनों से शराब का परिवहन कर गांव-गांव बिक्री की जा रही है, लेकिन संबंधित अधिकारियों द्वारा इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही।
*एक माह पहले दी गई थी शिकायत, फिर भी नहीं हुई जांच*
ग्रामीणों के अनुसार मोरखा एवं आसपास के गांवों में अवैध शराब बिक्री और परिवहन की जानकारी लगभग एक माह पूर्व आबकारी उप निरीक्षक मुलताई राजेश वट्टी को दी गई थी। उस समय कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन आज तक न तो किसी प्रकार की जांच हुई और न ही किसी वाहन या संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इससे लोगों में यह संदेश जा रहा है कि विभाग ठेकेदारों के प्रति नरम रवैया अपनाए हुए है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगाया जा सकता था, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण यह कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है।
*शराब दुकान के पास नियम विरुद्ध आहता संचालन का आरोप*
क्षेत्रवासियों ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम मोरखा स्थित शराब दुकान के ठीक बाजू में नियमों के विपरीत आहता संचालित किया जा रहा है। यहां लोगों के बैठकर शराब पीने की व्यवस्था होने से देर रात तक शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। शराब के नशे में लोग गाली-गलौज और हुड़दंग करते हैं, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे गांव का सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है और आए दिन विवाद की स्थिति बनती रहती है। उन्होंने मांग की है कि यदि आहता नियमों के विपरीत संचालित हो रहा है तो उसे तत्काल बंद कराया जाए।
*ग्रामीणों में बढ़ रहा आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी*
अवैध शराब बिक्री और विभागीय निष्क्रियता को लेकर क्षेत्रवासियों में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें शराब दुकान से नियमानुसार होने वाली बिक्री पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन गांव-गांव अवैध रूप से शराब पहुंचाकर बेचना कानून का खुला उल्लंघन है, जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि आबकारी विभाग शीघ्र कार्रवाई नहीं करता और अवैध शराब बिक्री तथा कथित नियम विरुद्ध संचालित आहता पर रोक नहीं लगाई जाती, तो उन्हें शराब दुकान के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था की जो भी स्थिति बनेगी, उसकी जिम्मेदारी संबंधित आबकारी विभाग की होगी।
*प्रशासन से उठी निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग*
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन एवं आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, गांव-गांव हो रही कथित अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में कानून का पालन सुनिश्चित हो सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके।
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