➡️ कोई भी प्रभावित किसान फसल सर्वे में न छूटे, क्षति की रिपोर्ट बीमा पोर्टल पर भी दर्ज कराएं
➡️ अपर कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट ने मुलताई के ओलावृष्टि प्रभावित ग्रामों का किया निरीक्षण
कलेक्टर बैतूल नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशानुसार जिले में ओलावृष्टि एवं वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे राजस्व, कृषि, पंचायत एवं उद्यानिकी विभाग के संयुक्त दल द्वारा किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को अपर कलेक्टर श्रीमती वंदना जाट ने मुलताई क्षेत्र के प्रभावित ग्रामों का दौरा कर फसल क्षति का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम मुलताई श्री राजीव कहार, तहसीलदार श्री संजय बैरिया, सहायक यंत्री कृषि डॉ. प्रमोद मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अपर कलेक्टर श्रीमती जाट ने ग्राम परमंडल, करपा एवं चंदौरा में किसानों के खेतों में पहुंचकर गेहूं, गोभी, टमाटर एवं प्याज की फसलों में हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने किसानों से संवाद कर आश्वस्त किया कि कोई भी प्रभावित किसान सर्वे से नहीं छूटेगा। राजस्व, कृषि एवं पंचायत विभाग के दल द्वारा व्यवस्थित सर्वे कर फसल क्षति राहत की कार्यवाही शीघ्र की जाएगी। उन्होंने #प्रधानमंत्री_फसल_बीमा_योजना के अंतर्गत पंजीकृत किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल क्षति की सूचना बीमा कंपनी के निर्धारित नंबर एवं पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज कराएं।
➡️ कृषक फसल क्षति की सूचना दें
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बैतूल जिले के जिन किसानों की फसल जलभराव या अतिवृष्टि से प्रभावित हुई है, वे अपनी फसल क्षति की सूचना हेल्पलाइन नंबर 14447, व्हाट्सएप चैटबोट नंबर 7065514447 अथवा क्रॉप इंश्योरेंस एप के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए किसान प्ले स्टोर से एप डाउनलोड कर लॉगिन करते हुए अपनी क्षति का विवरण दर्ज करें। यदि सूचना दर्ज करने में किसी प्रकार की समस्या आती है तो संबंधित कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी फसल क्षति की सूचना अनिवार्य रूप से 72 घंटे के भीतर दर्ज कराएं, ताकि समय पर राहत की कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

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