कटनी जिले के शासकीय कन्या महाविद्यालय में छात्राओं के सर्वांगीण विकास और उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सोमवार को "मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण" विषय पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं के भीतर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करना, उन्हें तनाव प्रबंधन (Stress Management) के प्रभावी उपायों से परिचित कराना और एक सकारात्मक एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का उद्देश्य और संयोजन

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संयोजन डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं के साथ-साथ समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टॉफ ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य और छात्र कल्याण से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया, जिससे मानसिक चुनौतियों, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच के महत्व पर एक सार्थक और गंभीर चर्चा हुई।

सत्र की प्रमुख गतिविधियाँ

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत कई प्रमुख गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनका उद्देश्य छात्राओं को व्यावहारिक तकनीकों से अवगत कराना था। इनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • तनाव प्रबंधन: छात्राओं को दैनिक जीवन की शैक्षणिक और व्यक्तिगत चुनौतियों से उत्पन्न तनाव को कम करने की तकनीकें बताई गईं।

  • समस्या समाधान: जटिल स्थितियों में शांत रहकर समस्या का समाधान खोजने के कौशल पर चर्चा की गई।

  • आत्मविश्वास और भावनात्मक संतुलन: आत्मविश्वास बढ़ाने और भावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

  • टीम भावना: सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से टीम भावना विकसित करने का प्रशिक्षण दिया गया।

प्राचार्य का प्रेरणादायी संबोधन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि, "जीवन में आने वाली चुनौतियाँ व्यक्ति के विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं।" उन्होंने आगे कहा कि यदि हम समस्याओं को अवसर के रूप में स्वीकार कर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं, तो प्रत्येक कठिनाई का समाधान संभव है। डॉ. प्रभात ने छात्राओं से आग्रह किया कि वे मानसिक रूप से सशक्त बनें, आत्मविश्वास बनाए रखें और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी प्रकार की मानसिक उलझन होने पर परामर्श लेने में संकोच न करें।

रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीख

कार्यक्रम प्रभारी डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों और मिनी गेम्स के माध्यम से छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता समझाई। उन्होंने तनाव को कम करने और सकारात्मक सोच विकसित करने के सरल एवं प्रभावी उपाय बताए। इन गतिविधियों ने छात्राओं को न केवल नई चीजें सीखने का अवसर दिया, बल्कि उन्हें एक-दूसरे के साथ संवाद स्थापित करने और एक आत्मीय वातावरण में अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का मंच भी प्रदान किया।

स्वस्थ मन ही सफल जीवन का आधार

कार्यक्रम का समापन एक अत्यंत महत्वपूर्ण संदेश के साथ हुआ कि "स्वस्थ मन ही सफल जीवन की आधारशिला है।" इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य को जीवन का अभिन्न अंग मानते हुए इसे दैनिक जीवन में प्राथमिकता देने का सामूहिक संकल्प लिया। यह आयोजन छात्राओं को अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ मानसिक रूप से स्वस्थ और सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल सिद्ध हुआ है।

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