आमला। विकासखंड आमला के ग्राम डेहरी (खजरी सेमाढाना) में बरसात के दौरान आवागमन की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। गांव के बीच से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित नाले पर वर्षों से रपटा (पुलिया) का निर्माण नहीं होने के कारण हर बारिश में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। समस्या के समाधान के लिए कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने अब प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे और आंदोलन करेंगे।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब 60 से 70 परिवार निवास करते हैं। यहां के 40 से 50 छात्र-छात्राएं नर्सरी से लेकर कक्षा 10वीं तक शासकीय विद्यालय डेहरी में अध्ययनरत हैं। स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को जिस मार्ग से गुजरना पड़ता है, उसी रास्ते में एक बड़ा नाला पड़ता है। हल्की बारिश में भी नाले का जलस्तर बढ़ जाता है, जबकि लगातार वर्षा होने पर पानी सड़क के ऊपर से बहने लगता है, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है।

ग्रामीणों ने बताया कि यह केवल स्कूल जाने का रास्ता नहीं, बल्कि पूरे गांव का मुख्य संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से ग्रामीण रोजमर्रा के कार्यों के लिए आवागमन करते हैं और मोक्षधाम जाने वाले लोग भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। बारिश के दौरान नाले में तेज बहाव होने से लोग घंटों दोनों ओर फंसे रहते हैं। कई बार मजबूरी में बच्चे और ग्रामीण बहते पानी के बीच से निकलने का प्रयास करते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक रपटा निर्माण के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। लगातार हो रही अनदेखी से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।

इसी को लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा और ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए नाले पर प्राथमिकता के आधार पर रपटा का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करती है, लेकिन जब बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचना ही सुरक्षित नहीं है तो उनकी पढ़ाई प्रभावित होना स्वाभाविक है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो वे अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे और चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस बीच कोई दुर्घटना होती है या आंदोलन की स्थिति बनती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

ज्ञापन सौंपने वालों में लल्लू, मुन्ना, गणराज, निलेश, दिनेश, गंगाराम, कमलेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

इस सम्बन्ध में जब सचिव से कॉल पर जानकारी ली गई पर नेटवर्क प्रॉब्लम की वजह से बात नहीं हो सकी।