नीमच जिला प्रशासन ने जन सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में आयोजित 'समय-सीमा' (TL) समीक्षा बैठक में जिले की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अस्पतालों और होटलों में फायर सेफ्टी की होगी सघन जांच

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) रहा। हाल के दिनों में बढ़ती घटनाओं को देखते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी अस्पतालों और होटलों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने जिले के सभी अनुविभागीय दंडाधिकारियों (SDM) को निर्देशित किया है कि वे अगले 15 दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी निजी व सरकारी अस्पतालों तथा होटलों का भौतिक निरीक्षण करें।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इन संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, फायर एनओसी (NOC) और आपातकालीन निकास मार्गों की स्थिति की सूक्ष्मता से जांच की जाए। जांच के बाद सभी एसडीएम को एक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करना होगा। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अतिक्रमण और सुगम यातायात पर संयुक्त अभियान

शहर की बढ़ती ट्रैफिक समस्याओं और अतिक्रमण को लेकर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने तहसीलदार, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) और ट्रैफिक प्रभारी की एक संयुक्त टीम बनाने के निर्देश दिए हैं। यह टीम शहर के मुख्य मार्गों और सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण को हटाने के लिए निरंतर अभियान चलाएगी। कलेक्टर का उद्देश्य शहर के यातायात को सुगम बनाना और नागरिकों के आवागमन को सुरक्षित व बाधा रहित करना है।

कृषि सीजन: खाद-बीज की कालाबाजारी पर कड़ा प्रहार

कृषि प्रधान जिले होने के नाते, कलेक्टर ने आगामी कृषि सीजन की तैयारियों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी स्थिति में उर्वरक (खाद) और बीज की कमी नहीं होनी चाहिए। खाद-बीज की कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर बिक्री रोकने के लिए सभी एसडीएम और कृषि विभाग के अधिकारियों को नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता कालाबाजारी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल प्रभाव से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

सीएम हेल्पलाइन और देवस्थानों का प्रबंधन

सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निराकरण को कलेक्टर ने 'सर्वोच्च प्राथमिकता' श्रेणी में रखा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का केवल संख्यात्मक निराकरण न करें, बल्कि उनका 'गुणवत्तापूर्ण समाधान' (Quality Disposal) सुनिश्चित करें। निर्धारित समय-सीमा के भीतर पोर्टल पर निराकरण दर्ज करना अनिवार्य है।

इसके अतिरिक्त, जिले के प्रमुख देवस्थानों की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए संबंधित प्रबंधन समितियों का गठन करने हेतु 15 दिनों का समय निर्धारित किया गया है। इन समितियों के माध्यम से धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता, सुरक्षा और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति

इस समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर श्री बी.एस. कलेश, जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव, नीमच एसडीएम श्री पराग जैन, जावद एसडीएम श्री संजीव साहू, मनासा एसडीएम सुश्री किरण आंजना और डिप्टी कलेक्टर श्री चंद्रसिंह धार्वे व सुश्री श्रुति भयडिया सहित जिले के सभी प्रमुख विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर श्री चंद्रा ने बैठक के अंत में सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें और जिले के नागरिकों को सुशासन का अनुभव प्रदान करें।

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