सतना जिले के नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत, इस सप्ताह कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एक बड़ी सुनवाई संपन्न हुई। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में जिले के दूर-दराज के अंचलों से आए 125 आवेदकों ने अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याओं को प्रमुखता से रखा। प्रशासन द्वारा नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम अत्यंत प्रभावी साबित हो रहा है।

प्रमुख समस्याएं और प्रशासनिक संवेदनशीलता

जनसुनवाई में आए आवेदनों का विश्लेषण करें तो यह स्पष्ट होता है कि नागरिक मुख्यतः राजस्व, बुनियादी सुविधाओं और लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित मुद्दों पर प्रशासन के पास अपनी गुहार लेकर पहुंचे थे। आवेदकों द्वारा प्रस्तुत प्रमुख समस्याओं में निम्नलिखित विषय शामिल थे:

  • भूमि विवाद और राजस्व रिकॉर्ड: सबसे अधिक संख्या उन आवेदकों की थी जो अपनी भूमि के सीमांकन, नामांतरण और राजस्व रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार के लिए परेशान थे।

  • आधारभूत संरचना: गांव और शहरी क्षेत्रों के निवासियों ने सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति की कमी और बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग की।

  • सरकारी योजनाओं का लाभ: पेंशन, छात्रवृत्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थियों ने पात्रता के अनुसार लाभ न मिलने की शिकायतें दर्ज कराईं।

  • सिंचाई और कृषि: किसानों ने अपने खेतों तक पानी की व्यवस्था और सिंचाई संबंधित अन्य समस्याओं को कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया।

कलेक्टर के निर्देश और विभागीय जवाबदेही

कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने प्रत्येक आवेदक से आत्मीयता के साथ बातचीत की और उनकी समस्याओं को बारीकी से समझा। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को मात्र एक कागजी कार्रवाई न समझा जाए, बल्कि इन्हें पूरी गंभीरता के साथ लिया जाए। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक आवेदन का निराकरण एक निश्चित समय-सीमा के भीतर होना चाहिए और यदि किसी आवेदन में देरी होती है, तो उसके कारणों की जवाबदेही संबंधित अधिकारी की होगी।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि निराकरण के उपरांत आवेदक को इस बात की सूचना भी दी जानी चाहिए ताकि नागरिक को बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। कलेक्टर की इस पहल का उद्देश्य शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुँचाना है।

प्रशासनिक टीम की भागीदारी

जनसुनवाई की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन की वरिष्ठ टीम भी पूरी तरह से मुस्तैद रही। कलेक्टर के साथ-साथ अपर कलेक्टर विकास सिंह, डिप्टी कलेक्टर संदीप परस्ते और एसडीएम एलआर जांगड़े ने भी आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी से यह संदेश गया कि प्रशासन जिले की हर समस्या के प्रति सजग है। उन्होंने भी मौके पर ही कई समस्याओं के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोन लगाकर निराकरण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई: प्रशासन और जनता के बीच की कड़ी

सतना जिले में यह जनसुनवाई न केवल समस्याओं के निपटारे का माध्यम है, बल्कि यह आम जनता और जिला प्रशासन के बीच विश्वास की एक मजबूत कड़ी भी है। जिन आवेदकों की समस्याएं सुलझती हैं, उन्हें शासन की कार्यप्रणाली पर भरोसा बढ़ता है। जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त फीडबैक का उपयोग प्रशासन उन कमियों को दूर करने में भी करता है जो अक्सर सरकारी प्रक्रियाओं में देखने को मिलती हैं।

जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि जनसुनवाई के माध्यम से शिकायतों की संख्या में कमी लाई जाए, ताकि नागरिक स्वयं जागरूक होकर सरकारी तंत्र के साथ जुड़ सकें। अंत में, सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे आगामी सप्ताह तक इन 125 आवेदनों पर की गई कार्यवाही की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करें। प्रशासन की यह सक्रियता सतना जिले के विकास और सुशासन के लिए एक सराहनीय कदम है।

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