मनगवां (रीवा)। मनगवां बाईपास स्थित छोटू महाराज सिनेमा घर एवं जोगनाही टोल के पास प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है।
 नगर पालिका द्वारा लगाए गए उस चेतावनी बोर्ड के ठीक पीछे मृत गोवंश को खुले में फेंक दिया गया, जिस पर स्पष्ट रूप से कचरा या गंदगी फैलाने पर ₹1000 जुर्माने का प्रावधान लिखा हुआ है। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और टोल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, बाईपास पर हुए एक सड़क हादसे में तीन गोवंश दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय गौ सेवक रवि ने जोगनाही टोल प्रबंधन को फोन कर मृत पशुओं का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने का अनुरोध किया। उन्होंने सुझाव दिया कि मृत गोवंश को गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबाया जाए ताकि किसी प्रकार की बीमारी या दुर्गंध न फैले। टोल कर्मियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में मृत गोवंश को दफनाने के बजाय खुले में ही चेतावनी बोर्ड के पीछे फेंक दिया गया।

स्थिति की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि घटनास्थल से मात्र 200 मीटर की दूरी पर दो निजी विद्यालय संचालित हैं, जहां प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। खुले में पड़े मृत पशुओं से उठ रही दुर्गंध और संक्रमण की आशंका ने अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा उत्पन्न हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एक ओर नगर परिषद स्वच्छता को लेकर जुर्माने की चेतावनी देती है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार संस्थाएं स्वयं नियमों की अनदेखी कर रही हैं। मृत पशुओं के निस्तारण के लिए निर्धारित वैज्ञानिक प्रक्रिया को अपनाने के बजाय उन्हें खुले में छोड़ देना गंभीर लापरवाही है।

स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और गौ सेवकों ने जिला प्रशासन, मनगवां नगर परिषद तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। साथ ही दोषी टोल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मृत गोवंश का विधिवत निस्तारण कराने की मांग उठाई है।