एंकर/- दमोह जिले के पटेरा में किसानों को बीज वितरण के दौरान भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। वरिष्ठ कृषि विकासखंड कार्यालय में टोकन लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालात ऐसे बने कि किसान अपनी बारी के इंतजार में धक्का-मुक्की करते नजर आए, तो कुछ किसान खिड़कियों पर लटककर टोकन लेने की कोशिश करते दिखाई दिए। किसानों ने कृषि विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पंजीयन फाड़कर फेंकने का आरोप लगाया है। वहीं बैठने और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई। दरअसल पटेरा स्थित वरिष्ठ कृषि विकासखंड कार्यालय में बीज लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। लेकिन किसानों की भीड़ के बीच टोकन वितरण की व्यवस्था बिगड़ती नजर आई। अपनी बारी जल्दी आने की उम्मीद में किसान खिड़कियों के आसपास जमा हो गए और देखते ही देखते धक्का-मुक्की जैसे हालात बन गए। किसानों का आरोप है कि कृषि विस्तारक अधिकारी द्वारा उनके पंजीयन फाड़कर फेंक दिए गए। किसानों का कहना है कि दूर-दराज से बीज लेने पहुंचे लोगों को घंटों खड़े रहकर इंतजार करना पड़ा। कार्यालय परिसर में न तो बैठने की पर्याप्त व्यवस्था थी और न ही पीने के पानी की सुविधा। हालात बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार मानसी अग्रवाल के हस्तक्षेप से पुलिस व्यवस्था कराने की पहल की गई। इसके बाद पटेरा थाना प्रभारी रचना मिश्रा द्वारा पुलिस बल की व्यवस्था कराई गई। लेकिन पुलिस की मौजूदगी के बावजूद भीड़ को व्यवस्थित करने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी और किसानों की परेशानियां बनी रहीं। बीज वितरण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं ने कृषि विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि जब विभाग को पहले से ही बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की जानकारी थी, तो टोकन वितरण के लिए उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई? किसानों ने पंजीयन फाड़ने के आरोपों की जांच कराने और बीज वितरण की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की मांग की है।