विदिशा जिले में किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए, जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल की है। किसानों को खाद, बिजली, सिंचाई, फसल बीमा तथा समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय से जुड़ी चुनौतियों का समयबद्ध निराकरण करने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित बेतवा सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विदिशा कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने की। बैठक में विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ ऊर्जा, कृषि, जल संसाधन और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों की समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता किसानों को खेती-किसानी के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है। बैठक में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई:
-
खाद की उपलब्धता: जिले में खाद वितरण और विशेष रूप से डीएपी (DAP) की आपूर्ति पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विदिशा जिले में प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक डीएपी की पूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही, किसानों को डीएपी के वैकल्पिक विकल्पों और 'नैनो डीएपी' के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया गया।
-
विद्युत आपूर्ति और सिंचाई: सिंचाई सुविधाओं और विद्युत आपूर्ति को लेकर किसानों द्वारा रखे गए सुझावों पर कलेक्टर ने संज्ञान लिया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्बाध बिजली प्रदान करने के निर्देश दिए।
-
फसल बीमा: खरीफ सीजन के दौरान हुए नुकसान के दावों के निराकरण और फसल बीमा दावों को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मिट्टी परीक्षण और संतुलित उर्वरक उपयोग पर जोर
कलेक्टर श्री गुप्ता ने किसानों को जागरूक करते हुए कहा कि केवल डीएपी या अन्य रसायनों पर निर्भरता के बजाय, उन्हें अपनी मिट्टी के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मिट्टी परीक्षण (Soil Testing) की रिपोर्ट के आधार पर ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वैज्ञानिक पद्धति से उर्वरक प्रयोग करने के तीन बड़े लाभ हैं:
-
मिट्टी की उर्वरता: इससे मिट्टी की गुणवत्ता दीर्घकाल तक बनी रहती है।
-
लागत में कमी: कम और संतुलित उर्वरकों से उत्पादन लागत में कमी आती है।
-
उत्पादकता में वृद्धि: फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों में सकारात्मक वृद्धि देखी जाती है।
कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे मृदा स्वास्थ्य कार्ड के परिणामों के अनुरूप किसानों को जागरूक करने का व्यापक अभियान चलाएं।
भारतीय किसान संघ द्वारा रखी गई प्रमुख मांगें
बैठक में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने जिले के किसानों की ओर से समस्याओं का एक विस्तृत ब्यौरा कलेक्टर के समक्ष रखा। उन बिंदुओं पर चर्चा की गई जो खेती और राजस्व मामलों से सीधे संबंधित हैं:
-
सीमांकन की चुनौतियां: प्रतिनिधियों ने शिकायत की कि गलत सीमांकन के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मांग की गई कि जब तक पटवारी नक्शा और सैटेलाइट नक्शा का सही मिलान नहीं हो जाता, तब तक रोवर या ईटीएसएम मशीन से सीमांकन को रोककर परंपरागत जरीब पद्धति से सीमांकन किया जाए।
-
बीमा और मुआवजा: बीमा खरीफ 2025 में अतिवृष्टि के कारण बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिलाने की पुरजोर मांग रखी गई।
-
नामांतरण की प्रक्रिया: राजस्व विभाग में रजिस्ट्री होने के बाद समय-सीमा के भीतर नामांतरण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश देने का आग्रह किया गया।
-
उपज खरीदी: ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित करने और जिले की सभी मंडियों में मंडी बोर्ड के 26 जून 2020 के आदेश का पालन करते हुए बीओटी (धर्म कांटे) से तुलाई कराने की मांग रखी गई।
-
मानवीय संवेदना: बैठक में आकाशीय बिजली से 23 जून 2026 को हुई ग्राम करैया (तहसील शमशाबाद) निवासी लाखन सिंह बंजारा की दुखद मृत्यु के मामले को उठाया गया और उनके परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया।
जिला प्रशासन की कार्ययोजना
कलेक्टर श्री गुप्ता ने आश्वस्त किया कि सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसानों की शिकायतों का निराकरण समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। डीएपी की वैकल्पिक व्यवस्था और नैनो डीएपी के उपयोग के साथ-साथ जिले में चल रहे कृषि नवाचारों को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया। कलेक्टर ने किसानों का आह्वान किया कि वे कृषि नवाचारों (Innovations) को अपनाएं ताकि विदिशा जिले की ख्याति बढ़े और अन्य किसान भी उनसे प्रेरणा ले सकें।
यह बैठक विदिशा जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक कदम है, जहाँ प्रशासन और किसान संघों ने मिलकर समस्याओं के समाधान का खाका तैयार किया है। कलेक्टर की इस पहल से किसानों में उम्मीद जगी है कि आने वाले खरीफ सीजन में उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
Image Source: https://vidisha.mpinfo.org
Continue With Google
Comments (0)