विदिशा जिले में आम जनमानस के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के सख्त निर्देशों के बाद, खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जिले की प्रमुख सब्जी मंडियों में एक व्यापक निरीक्षण और जांच अभियान का संचालन किया। यह कार्रवाई हाल ही में मीडिया में आई उस रिपोर्ट को संज्ञान में लेने के बाद की गई, जिसमें सब्जी मंडियों में केमिकल युक्त सामग्री के खुले में फेंके जाने की बात कही गई थी। जिला प्रशासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से संयुक्त टीमों का गठन कर मंडी परिसरों की जांच शुरू की।

निरीक्षण का उद्देश्य और कार्यप्रणाली

खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारियों ने विदिशा और गंजबासौदा तहसील की मुख्य सब्जी मंडियों को अपने निरीक्षण का केंद्र बनाया। इस संयुक्त कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा प्रशासन के साथ-साथ विदिशा और गंजबासौदा की नगर पालिका परिषदों के अधिकारी भी शामिल रहे। निरीक्षण का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मंडी परिसर में बिकने वाले फल और उनके पकाने की प्रक्रिया पूरी तरह से FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) के निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं।

जांच के दौरान टीम ने फल विक्रेताओं द्वारा उपयोग में लाई जा रही तकनीकों का अवलोकन किया। अधिकारियों ने पाया कि कुछ विक्रेताओं द्वारा फलों को पकाने हेतु 'एथलीन रिपाइनर' का उपयोग किया जा रहा है। इस संबंध में अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि FSSAI ने एथलीन रिपाइनर को फलों को सुरक्षित तरीके से पकाने के लिए मान्यता दी हुई है। अतः इसके उपयोग पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, इसे उपयोग करने के बाद उत्पन्न होने वाले अपशिष्ट (वेस्ट मटेरियल) के प्रबंधन को लेकर अधिकारियों ने कड़ी चेतावनी जारी की।

स्वच्छता और जनस्वास्थ्य के प्रति सख्त दिशा-निर्देश

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कुछ स्थानों पर एथलीन रिपाइनर के खाली पैकेट और संबंधित अपशिष्ट सामग्री को खुले में फेंक दिया गया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इसे जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए हानिकारक बताते हुए सभी फल विक्रेताओं को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं:

  • खुले में न फेंके सामग्री: एथलीन रिपाइनर के अवशेषों या इससे जुड़ी किसी भी सामग्री को खुले स्थानों, मंडी के मुख्य परिसर या सड़कों के किनारे कदापि न फेंका जाए।

  • नगर पालिका का सहयोग: अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान के लिए संबंधित नगर पालिका की कचरा संग्रहण व्यवस्था का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए।

  • स्वास्थ्य सुरक्षा: अपशिष्ट का गलत निस्तारण न केवल गंदगी फैलाता है, बल्कि यह आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि कोई विक्रेता नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नमूनों का प्रयोगशाला परीक्षण

गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए, टीम ने नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की। विदिशा मंडी से एथलीन रिपाइनर के साथ-साथ आम के फलों के नमूने सील किए गए। इसी क्रम में, गंजबासौदा मंडी से भी आम के फलों के नमूने एकत्रित किए गए। ये सभी नमूने अब प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे जा रहे हैं।

प्रयोगशाला में इन नमूनों की जांच यह देखने के लिए की जाएगी कि क्या उनमें कोई हानिकारक तत्व तो मौजूद नहीं है और क्या वे FSSAI द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं। इन परीक्षणों के परिणाम आने के बाद, यदि किसी स्तर पर मानकों में कमी पाई जाती है, तो विभाग द्वारा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का संकल्प: निरंतर निगरानी

विदिशा जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह कार्रवाई केवल एक बार की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि जिले भर में इस प्रकार की निरंतर निगरानी और जांच जारी रहेगी।

खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए भी यह एक चेतावनी और निर्देश है कि वे खाद्य सुरक्षा के नियमों का पूर्णतः पालन करें। समय-समय पर विभाग द्वारा व्यवसायियों को प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे ताकि वे अपने व्यापार में सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दें। इस कार्रवाई से सब्जी मंडियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है और आम जनता में भी प्रशासन के इस कदम को लेकर संतोष देखा जा रहा है।

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