विदिशा जिले में प्रशासनिक कसावट लाने और आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिले के कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित अभियानों, लंबित आवेदनों और जनकल्याणकारी योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर गहन चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही होना चाहिए।

लापरवाही पर पैनाल्टी की चेतावनी

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने बैठक में प्रशासनिक शिथिलता को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी आवेदन लंबित रखे जाते हैं, या समीक्षा बैठकों में गलत अथवा त्रुटिपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की जाती है, तो उनके विरुद्ध पैनाल्टी की कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को समय पर सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से दिए गए हैं।

सीएम हेल्पलाइन: 500 दिवस से अधिक लंबित प्रकरणों पर नाराजगी

बैठक का एक बड़ा हिस्सा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की समीक्षा के लिए समर्पित रहा। कलेक्टर ने विभागवार इन शिकायतों की गहन जांच की। इस दौरान 500 दिवस से अधिक समय से लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर ने गहरा असंतोष जाहिर किया। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन अत्यंत पुराने लंबित मामलों की शनिवार को विशेष रूप से पुनः समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर ने दोहराया कि आमजन की समस्याओं का संतुष्टिपूर्ण समाधान प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है।

वरिष्ठ कार्यालयों के आवेदनों की मॉनिटरिंग

बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), सीएम मॉनिटरिंग, केंद्रीय मंत्रियों, प्रभारी मंत्री तथा राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त आवेदनों की स्थिति का भी बारीकी से आकलन किया गया। कलेक्टर ने विभागीय प्रमुखों को निर्देशित किया कि इन उच्च-स्तरीय निर्देशों और आवेदनों के निराकरण में पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। किसी भी स्तर पर होने वाली देरी को व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।

ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट से बचाव

बढ़ते तापमान और ग्रीष्मकाल की चुनौतियों को देखते हुए जिले में पेयजल व्यवस्था की विशेष समीक्षा की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) और जल निगम के अधिकारियों ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की विस्तृत जानकारी दी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के किसी भी कोने में पेयजल का संकट उत्पन्न न होने पाए। यदि कहीं से पानी की किल्लत की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसे तत्काल प्रभाव से निराकृत किया जाए ताकि नागरिकों को असुविधा न हो।

शिक्षा और छात्रावासों की व्यवस्था पर जोर

जिला शिक्षा अधिकारी ने बैठक में जिले के स्कूलों में चल रही गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्य बिंदुओं में नवीन प्रवेश प्रक्रिया, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण, साइकिल वितरण और छात्रावासों में प्रवेश की स्थिति शामिल रही। इसके अतिरिक्त, जिले में आईटीआई (ITI) की विभिन्न ट्रेडों में प्रवेश प्रक्रिया की प्रगति के बारे में भी कलेक्टर को अवगत कराया गया। कलेक्टर ने इन सभी कार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

श्रमिकों के कल्याण हेतु निर्देश

निर्माण कार्य करने वाले विभागों की समीक्षा के दौरान, कलेक्टर श्री गुप्ता ने मजदूरी पर कार्य करने वाले श्रमिकों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने श्रमिकों को शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ वितरण की समीक्षा की। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को सरकार की सभी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।

शासकीय संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग

बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय संदीपनी हाई स्कूल के पुराने भवनों को लेकर लिया गया। चूंकि स्कूल अब नव-निर्मित भवनों में शिफ्ट हो गया है, अतः पुराने रिक्त भवनों के बेहतर उपयोग पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इन रिक्त शासकीय भवनों को अन्य विभागों के कार्यालयों या कार्यों हेतु आवंटित किया जाए, ताकि शासकीय संसाधनों का दुरुपयोग न हो और उनका बेहतर उपयोग हो सके।

फील्ड निरीक्षण की अनिवार्यता

कलेक्टर श्री गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने नियमित क्षेत्रीय भ्रमण (फील्ड विजिट) के दौरान स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण अनिवार्य रूप से करें। इन निरीक्षणों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने एक निरीक्षण प्रपत्र का प्रारूप तैयार करने के भी निर्देश दिए, ताकि निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को पोर्टल पर दर्ज कर उनका समाधान किया जा सके।

बैठक में उपस्थिति

समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर अनिल कुमार डामोर, जिला पंचायत सीईओ ओपी सनोडिया, एसडीएम विदिशा क्षितिज शर्मा, संयुक्त कलेक्टर सहित जिले के सभी प्रमुख विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में खंड स्तरीय अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से संवाद स्थापित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह बैठक स्पष्ट करती है कि विदिशा जिला प्रशासन अब विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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