मध्य प्रदेश के रीवा जिले की त्योथर में भव्य मेलातहसील में स्थित सोहागी पहाड़ पर अड़गड़नाथ धाम में पौष मास की त्रयोदशी को विशेष शिव आराधना और मेले का आयोजन होता है। यह परंपरा लगभग 100 साल पुरानी है और हर साल इस अवसर पर भव्य मेला लगता है।

पूजा और आस्था:

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस स्थल पर भगवान शिव स्वयं प्रकट हुए थे, जिससे यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बन गया है। यहां भगवान शिव के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश एवं बंजरंग बली की पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु पंचगव्य से भगवान शिव का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना करते हैं।

मेले का आयोजन:

हर साल इस मौके पर मेले में विभिन्न प्रकार के झूले, किताबों के स्टॉल, कपड़ों के स्टॉल और अन्य सामानों के स्टॉल लगाए जाते हैं। मेले में दिखाए जाने वाले करतब और आकर्षण बच्चों व बड़ों को अपनी ओर खींचते हैं।

सुरक्षा और व्यवस्था:

  • पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
  • मेले परिसर में एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है, ताकि आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
  • ग्राम पंचायत सोहागी के अनुरोध पर एसडीओपी त्योंथर और अन्य अधिकारियों ने पुलिस बल की विशेष व्यवस्था की है।

प्रतिभागिता:

इस मेले में रीवा जिले के आस-पास के क्षेत्रों सहित उत्तर प्रदेश से भी श्रद्धालु आते हैं। इस आयोजन में त्योंथर के विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी और ग्राम पंचायत के सदस्य उपस्थित रहते हैं, जो मेले की सुचारु व्यवस्था में अपना योगदान देते हैं।

इस मेले का आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को संजीवित करता है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में भी एक नई ऊर्जा भरता है।