मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में सामाजिक उत्तरदायित्व और गौ-सेवा के क्षेत्र में एक अत्यंत सराहनीय पहल देखने को मिली है। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद, बालाघाट द्वारा चयनित नवांकुर संस्था 'गति एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर' ने गर्मी के भीषण मौसम में बेजुबान पशुओं को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से एक सराहनीय कदम उठाया है। संस्था ने कटंगी विकासखंड के ग्राम कटेधरा स्थित 'कामधेनु गौशाला' में तीन सीलिंग फैन दान किए हैं, ताकि गौवंश को भीषण गर्मी से कुछ हद तक राहत मिल सके।

सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण गौशालाओं में संरक्षित पशुओं के स्वास्थ्य और उनके रहन-सहन की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना आज के समय की एक बड़ी चुनौती है। नवांकुर संस्था 'गति एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर' ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व को समझते हुए इस दिशा में कार्य किया है। संस्था के प्रतिनिधियों का मानना है कि गौवंश की सेवा करना न केवल एक पुण्य का कार्य है, बल्कि यह हमारे नैतिक कर्तव्यों में भी शामिल है। गर्मी के मौसम में पशुओं को होने वाली शारीरिक असुविधा को कम करने के लिए सीलिंग फैन का दान एक व्यावहारिक और प्रभावी समाधान साबित होगा।

कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति इस कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक सुशील बर्मन और विकासखंड समन्वयक सुरेंद्र कुमार भगत विशेष रूप से उपस्थित थे। उन्होंने इस आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की। अपने संबोधन में जिला समन्वयक सुशील बर्मन ने कहा कि "जन अभियान परिषद का मुख्य उद्देश्य ही समाज में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना है। जब सामाजिक संस्थाएं स्वयं आगे आकर ऐसे कार्य करती हैं, तो यह समाज में सेवा भाव को और अधिक मजबूत करता है।"

विकासखंड समन्वयक सुरेंद्र कुमार भगत ने भी संस्था की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि नवांकुर संस्थाओं का चयन इसीलिए किया जाता है ताकि वे समाज के सरोकारों से जुड़े कार्यों को धरातल पर क्रियान्वित कर सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जिले की अन्य सामाजिक संस्थाएं भी इस प्रकार की पहल के लिए आगे आएंगी।

समाज के गणमान्य नागरिकों की सहभागिता ग्राम कटेधरा में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले और क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से सामाजिक कार्यकर्ता देवीप्रसाद तिवारी, दैनिक पत्रिका के पत्रकार संदीप शर्मा, मुकेश चौकसे, खंड कार्यवाह लालबहादुर रहांगडाले, परामर्शदाता अरविंद दरवड़े और गौशाला प्रभारी आशा बेटवार ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी उपस्थित अतिथियों ने इस पहल को सामाजिक समरसता और पशु संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक संदेश बताया।

पत्रकार संदीप शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सेवा भाव का यह कार्य अन्य युवाओं और सामाजिक संस्थाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। गौशाला प्रबंधन की ओर से प्रभारी आशा बेटवार ने नवांकुर संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन पंखों के लगने से गौशाला का वातावरण गौवंश के लिए अधिक सुखद हो जाएगा।

गौ संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक कदम इस पहल के कुछ प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं, जो इस कार्य की महत्ता को दर्शाते हैं:

  • गर्मी से सुरक्षा: भीषण तापमान में पशुओं को सीधे रूप से राहत प्रदान करने का प्रयास।

  • बेहतर वातावरण: आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से गौशाला के वातावरण में सुधार।

  • जनभागीदारी का सशक्तिकरण: जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन में सामाजिक संस्थाओं का सक्रिय योगदान।

  • प्रेरणादायक संदेश: समाज के अन्य वर्गों को भी गौ-सेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास।

भविष्य की संभावनाएं इस कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अतिथियों ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी समाजसेवी संस्थाएं गौशालाओं एवं अन्य जनहितकारी कार्यों में इसी प्रकार का सक्रिय सहयोग प्रदान करती रहेंगी। कामधेनु गौशाला प्रबंधन द्वारा नवांकुर संस्था 'गति एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर' के प्रतिनिधियों का सम्मान और आभार व्यक्त किया गया।

यह आयोजन स्पष्ट करता है कि जब प्रशासन (जन अभियान परिषद) और सामाजिक संस्थाएं मिलकर कार्य करती हैं, तो परिणाम समाज के लिए अत्यंत सुखद होते हैं। बालाघाट जिले में इस तरह के आयोजन भविष्य में गौ संरक्षण के प्रयासों को और मजबूती प्रदान करेंगे। समाज का यह प्रयास निश्चित रूप से एक स्वस्थ और संवेदनशील वातावरण के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।

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