मन की बात से सुर्खियों में आये रामलोटन ने जीते जी तेरहवीं करने का लिया निर्णय
उचेहरा - जनपद अंर्तगत पिथौराबाद के अंतरवेदिया के रामलोटन कुशवाहा ने जीते जी तेरहवीं करने के निर्णय से ठीक उसी प्रकार चौका दिया जिस प्रकार कुछ वर्ष पूर्व देश के प्रधानमंत्री के मन की बात में एक छोटे से गांव अतवेदिया के रामलोटन कुशवाहा का जिक्र होने पर सभी चौक गये थे मन की बात में जिक्र होते ही जिले भर के नेताओ और मंत्रियों का उनके घर आने का तांता सा लग गया था और उनकी मांगे और आस्वासनो का दौर भी चल निकला था गांव वाले कभी अपने छोटे से गांव में इतनी गाड़ियों का काफिला नहीं देखा था वह खुद इस घटनाक्रम से हैरान थे । ज्ञात हो की मन की बात में जिक्र होते ही गांव की ऊबड़ खाबड़ कच्ची सड़क को पंचायत बनाने में लग गया जो कभी गांव वालों की सुनते ही नही थे दरअसल रामलोटन कुशवाहा अपने पास कई दुर्लभ जड़ी बूटियों का और अपनी बगिया में कई दुर्लभ पौधों का संग्रह लंबे समय से कर रखे थे, राजनेताओ से मुलाकात में उन्होंने उस समय इनके संरक्षण के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी की थी अब मूल विषय मे आते हैं कि उन्होंने जीते जी तेरहवीं क्यो कर रहे हैं उन्होंने बकायदे इस का कार्ड
सभी शुभचिंतकों , रिश्तेदारो सहित गांव वालों को 13 मई को होने वाले कार्यक्रम में सब को आमंत्रित किया है, अमूमन हिंदू धर्म के मृत्यु पश्चात ही इस तरह के कृत्य होते हैं लेकिन यदा कदा इस तरह के आयोजन सुनाई देते हैं , इस तरह के कृत्य के पीछे उनकी मन्सा ये हैं कि उम्र दराज होने पर इस दिनों उनकी तबियत कुछ नासाज सी रहती है और उन्होंने पहले ही अपना शरीर मेडिकल कालेज सतना को दान करने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं । बरसी तेरहवीं करने के पीछे एक कारण यह भी सामने आ रहा है गांव वालों का परिहास यही कारण है कि इसके पहले उन्होंने प्रयागराज जाकर अपना पिंडदान भी कर आए है।

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