चांदपुर छात्र आत्महत्या मामला : पीएम में हैंगिंग की पुष्टि,
दो सुसाइड नोट मिले, एक नोट में दूसरे नोट का जिक्र, कारण बताए जाने की बात; हॉस्टल अधीक्षक पर कार्रवाई के संकेत...
प्रेम गुप्ता
चांदपुर। चांदपुर हॉस्टल में कक्षा 11वीं के छात्र धूमेश इडल सिंह की मौत के मामले में पोस्टमार्टम में हैंगिंग से मृत्यु होना सामने आया है। पीएम के बाद पुलिस ने छात्र का पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद गृह ग्राम डूंगर में अंतिम संस्कार किया गया।
घटना के बाद सामने आई जानकारी में सुसाइड नोट को लेकर भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। बताया जा रहा है कि छात्र ने दो अलग-अलग नोट लिखे थे। इनमें से एक नोट उसने बाहर ही इस तरह रखा था, जिसमें उल्लेख किया गया था कि उसके पास से दूसरा नोट निकाला जाए। बताया गया है कि दूसरे नोट में छात्र ने अपनी आत्महत्या का कारण लिखा है।
पुलिस द्वारा दोनों नोटों को जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्र ने किन परिस्थितियों के चलते यह कदम उठाया और सुसाइड नोट में क्या कारण दर्ज किया गया है।
पीएम के बाद परिजनों को सौंपा शव
चांदपुर थाना प्रभारी दिलीप चंद ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद छात्र का पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया। गृह ग्राम डूंगर में उसका अंतिम संस्कार किया गया। पीएम में हैंगिंग से मृत्यु होना पाया गया है। मामले की जांच जारी है।
हॉस्टल अधीक्षक पर कार्रवाई के संकेत
इधर, शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के अनुसार घटना के बाद हॉस्टल अधीक्षक को हटाए जाने की संभावना है। हालांकि इस संबंध में प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है। माना जा रहा है कि घटना की परिस्थितियों और हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका की समीक्षा के बाद विभाग स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है।
आकस्मिक सहायता राशि पर भी असमंजस
छात्र के परिजनों को मिलने वाली आकस्मिक सहायता राशि को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। तहसीलदार सुनील डावर ने बताया कि छात्र की किसी भी परिस्थिति में आकस्मिक मृत्यु होने पर प्रशासन की ओर से तत्काल सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है। संबंधित परिवार को यह राशि दी गई है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित स्तर से जानकारी लेने के बाद की जाएगी।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
घटना की जानकारी मिलने पर जोबट विधायक सेना महेश पटेल भी चांदपुर हॉस्टल पहुंची थीं। उन्होंने अधिकारियों एवं हॉस्टल प्रबंधन से घटना की जानकारी लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा हॉस्टल में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाने की बात कही थी।
अब मामले में सुसाइड नोट की जांच रिपोर्ट, पुलिस की जांच और हॉस्टल प्रबंधन को लेकर होने वाली संभावित कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। छात्र द्वारा आत्महत्या का कारण बताए जाने की बात सामने आने के बाद जांच के निष्कर्ष पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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