मुक्तिधाम में प्रशासनिक जेसीबी कार्रवाई से नागरिकों में गुस्सा
भाजपा मंडल अध्यक्ष की शिकायत पर हुई कार्रवाई, जन सहयोग से चल रही सौन्दर्यीकरण मुहिम पर लगी रोक
सागर जिले की देवरी नगर के झुनकू वार्ड स्थित मुक्तिधाम में शनिवार को दोपहर प्रशासनिक अमले ने जेसीबी से जन सहयोग द्वारा चल रहे निर्माण कार्य को ध्वस्त कर दिया। यह निर्माण गार्डरूम, अस्थि संचय कक्ष और लकड़ी भंडार कक्ष के लिए किया जा रहा था। भाजपा मंडल अध्यक्ष भारतेन्दु सिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई, जिसमें उन्होंने इसे अवैध कब्जा करार दिया था।
घटनाक्रम
- प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बिना अनुमति के हो रहे निर्माण कार्य को अवैध करार दिया।
- कार्यवाही के दौरान एसडीएम मुनव्वर खान, मुख्य नगरपालिका अधिकारी केबीएस बघेल और तहसीलदार संगीतारानी चौरसिया मौजूद थे।
- जन भागीदारी समिति ने इस कार्रवाई का विरोध किया, उनका कहना है कि उन्होंने पहले एसडीएम को सूचित किया था।
- जन सहयोग से नगर के मुक्तिधामों का सौन्दर्यीकरण किया जा रहा था, जिसे नागरिकों ने सराहा। स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित इस कार्य की प्रशंसा की जा रही थी।
नोटिस और निर्देश
तहसीलदार देवरी ने मुक्तिधाम की सरकारी भूमि पर हो रहे निर्माण को हटाने के बाद नगरपालिका अध्यक्ष पति अलकेश जैन को भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत नोटिस जारी किया। इसमें कहा गया कि शमशान के लिए आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण किया गया है, जिसे तत्काल रोका जाए।
नागरिकों में असंतोष
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से नगर में असंतोष फैल गया है। नागरिकों का कहना है कि यह कार्य जनकल्याण के लिए था, और प्रशासन ने राजनीतिक दबाव के तहत यह कार्रवाई की है।
प्रशासन और नागरिकों की प्रतिक्रिया
नगरपालिका अध्यक्ष पति अलकेश जैन ने कहा कि प्रशासन ने दबाव में दुर्भाग्यपूर्ण कार्रवाई की। वहीं, एसडीएम मुनव्वर खान ने इसे नियमानुसार कार्रवाई बताते हुए कहा कि शासकीय भूमि पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य अवैध है।
निष्कर्ष
इस घटनाक्रम से देवरी नगर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। नागरिकों का मानना है कि जनकल्याण के कार्यों में राजनीति नहीं होनी चाहिए।

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