डबरा ब्रेकिंग -
डबरा। कृषि उपज मण्डी में एक ओर जहां नियमों के तहत नीलामी की प्रक्रिया जारी है, वहीं दूसरी ओर मण्डी परिसर में ही कच्ची पर्चियों पर अवैध खरीदी का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल मण्डी प्रशासन की आंखों के सामने हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं।
सूत्रों के अनुसार, कई व्यापारी किसानों से सीधे संपर्क कर बिना नीलामी के कच्ची पर्चियों पर फसल खरीद रहे हैं। इस प्रक्रिया में न तो शासन द्वारा निर्धारित दरों का पालन हो रहा है और न ही किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप किसान खुलेआम आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं।
मण्डी में मौजूद किसानों का आरोप है कि उन्हें नीलामी में समय पर नंबर नहीं मिलता, जिससे मजबूरी में वे व्यापारियों के हाथों कम दाम पर अपनी उपज बेचने को विवश हो जाते हैं। कच्ची पर्चियों का यह खेल न केवल शासन के नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है, बल्कि राजस्व को भी नुकसान पहुंचा रहा है।
हैरानी की बात यह भी है कि इस पूरे मामले को लेकर पहले भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं और मीडिया में खबरें भी प्रमुखता से प्रकाशित हुई हैं, इसके बावजूद मण्डी प्रशासन और भारसाधक महोदय द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बड़ा सवाल यह है कि जब मण्डी प्रशासन मौके पर मौजूद है, तो फिर इस अवैध गतिविधि पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? क्या यह लापरवाही है या फिर किसी मिलीभगत की ओर इशारा करता है?
यदि जल्द ही इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो किसानों का मण्डी व्यवस्था से भरोसा उठना तय है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं या फिर यूं ही किसानों की मेहनत पर लूट का यह खेल चलता रहेगा।

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