खिमलासा पंचायत के गांव लमेठी में मंदिर की जमीन पर विवाद बढ़ता जा रहा है इस तनावपूर्ण स्थिति यदि खिमलासा पुलिस सक्रिय नहीं होती तो जन हानी भी हो सकती है।
लमेठी में शिव मंदिर प्राचीन काल का स्थित है शिव मंदिर के नाम 12 एकड़ भूमि दर्ज है जिसके मुहतम्मकार महेश खण्डर थे महेश खण्डर का निधन होने से मुहतम्मकार महेश खण्डर की तीन बेटियां शिव मंदिर की मुहतम्मकार बन गई लेकिन तीनों की शादी होने से मंदिर की देखभाल करने में असमर्थ थी तो महेश खण्डर की तीनों लड़कियों ने नमीता, रिद्धि सिद्धि ने खुरई एसडीएम को आवेदन दिया था कि मंदिर की दूसरी समिति बनाई जाये जिससे मंदिर का जीर्णोद्धार एवं देखभाल हो सकें लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया अब नमीता की मंझली बहिन रिद्धि के पति अनुराग विदुआ का कहना है कि मेरी छोटी साली सिद्धि खण्डर की शादी में मैंने 6 लाख रुपए दिए थे उसके एवेज में मुझे 12 एकड़ मंदिर की भूमि गिरवी रख दी थी अब तीनों बहिनों में विवाद बढ़ता जा रहा है अनुराग विदुआ रिद्धि के पति जमीन जोतने आयें तो परिवार ने रोक दिया खिमलासा पुलिस भी मौके पर पहुंचीं और दोनों पक्षों को समझा दिया लेकिन महेश खण्डर की बड़ी बेटी नमीता एवं सिद्धि खण्डर ने 6 लाख रुपये लेने को निराधार बताया और कहा कि अनुराग विदुआ झूठ बोलते हैं नमीता खण्डर ने बताया की मेरी दोनों बहिनों को बहला-फुसलाकर कर झूठे हस्ताक्षर करा लिए थे मुझे कोई पैसा नहीं देना है नमीता ने बताया कि मंदिर की दुर्दशा बहुत ख़राब है मंदिर की जमीन ठेका दी जाये ताकि शिव मंदिर का निर्माण हो नहीं तो सागर कलेक्टर अपने अधीन करके मंदिर की दूसरी समिति गठित की जाये हालांकि इस सहमति में मंझली बहिन नहीं है रिद्धि खण्डर पति अनुराग विदुआ द्वारा सागर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है कि मेरे 6 लाख रुपए दिलायें जायें और अनुराग विदुआ ने एक चैनल के माध्यम से कहा कि मेरी पत्नी की 4 एकड़ भूमि मुझे दी जाय लेकिन महेश खण्डर की बड़ी बेटी नमीता ने स्पष्ट कर दिया कि भूमि पृत्रक नहीं है और ना हम तीनों बहिन इसके मालिक नहीं है 12 एकड़ जमीन मंदिर के नाम है जिसका अधिकार केवल सागर कलेक्टर को है। दो बहिनों ने मंदिर का मुहतम्मकार बनने से मना कर दिया है। अब देखना होगा प्रसाशन इस मामले में किया निर्णय लेता है।