मध्यप्रदेश के किसानों की सोयाबीन,गेहुँ चना के बाद तीसरी मुख्य फसल मूंग है 60 से 65 दिनों में पककर तैयार होने वाली मूंग की फसल में मुख्यतः नहर से सिचाई होती है और पानी नही मिलने से फसल सूखने की कगार पर है जिससे किसानों को लाखों का नुकसान हिने की संभावना है ऐसे पीड़ित किसानों ने स्टेट हाइवे को जाम कर खेतो में पानी की मांग की है
हरदा जिले में सोनतलाई नहर से जुड़े किसानों को मूंग की फसल में लिए सिंचाई का पानी नहीं मिलने पर विरोध प्रदर्शन करते हुए हरदा-खंडवा स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। मसनगांव के सुभाष चौक बस स्टैंड पर किसानों ने सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। किसानों का कहना है कि लाखों रुपए की लागत से लगाई गई मूंग की फसल तेज गर्मी ओर पानी नही मिलने से सूखने की कगार पर है जिससेकिसानों को भारी नुकसान की आशंका है। चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है
वीओ- 2 मसनगांव, रोलगांव, बीड़, कमताड़ा सहित आसपास के गांवों के किसान सड़क पर उतरे। किसानों ने आरोप लगाया कि सोनतलाई नहर से पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे खेतों तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पा रहा। किसानों का कहना है कि उन्होंने मेहनत और कर्ज लेकर मूंग की फसल लगाई है, लेकिन अब फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। प्रदर्शन के दौरान हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मामले को लेकर जल संसाधन विभाग के एसडीओ रोहन विल्सन ने बताया कि उनकी शिफ्ट सुबह 8 बजे शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि पहले डैम में पर्याप्त पानी होने के कारण करीब दोपहर 2 बजे तक पानी पहुंच जाता था, लेकिन वर्तमान में डैम में पानी कम होने से बहाव भी कम है। ऐसे में आज रात करीब 9 बजे तक पानी पहुंचने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि लिखित जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से ही दी जा सकती है।
वहीं हरदा एसडीएम अशोक कुमार डेहरिया ने कहा कि किसानों द्वारा मूंग की फसल में पानी की मांग को लेकर चक्काजाम किया गया था। प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों से चर्चा की जा रही है और समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।

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