गुना की सड़कों पर बेजुबानों का 'कब्रिस्तान': बिजली विभाग की लापरवाही बनी जानलेवा
गुना: क्या हमारे शहर की व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प हो चुकी है? एक बार फिर सड़क के बीचों-बीच स्थित बिजली के खंभे से निकले करंट ने एक बेजुबान की जान ले ली। यह घटना कोई इकलौती नहीं है; शहर में लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जहां करंट की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हो रही है। प्रशासन और बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों की व्यथा
आज की घटना में जब बैल ने खंभे को छूते ही दम तोड़ा, तो वहां मौजूद इंद्रजीत सिंह, जफर अली और अन्य निवासियों ने उसे बचाने की कोशिश की। लोग स्तब्ध थे। सवाल यह है कि कब तक लोग बेजुबानों को मरते देखते रहेंगे?
प्रशासन की अनदेखी
- लगातार हो रही मौतें: यह सिलसिला कब थमेगा? क्या बिजली विभाग को यह नहीं दिखता कि यह खंभा 'मौत का जाल' बन चुका है?
- शिकायतों का ढेर, नतीजा शून्य: स्थानीय लोगों ने न जाने कितनी बार शिकायतें की हैं, लेकिन हर बार आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला।
- खंभों की खस्ताहाल स्थिति: सड़कों के बीचों-बीच खड़े ये खंभे न केवल यातायात के लिए खतरा हैं, बल्कि विभाग की कुप्रबंधन का प्रमाण हैं।
शहर की दिशा और दशा पर बड़ा सवाल
आज सड़क पर बेजुबान है, कल कोई बच्चा या राहगीर भी हो सकता है। क्या विभाग किसी बड़ी मानवीय त्रासदी का इंतजार कर रहा है? यदि समय रहते इन जर्जर तारों और असुरक्षित खंभों को ठीक नहीं किया गया, तो शहर की व्यवस्था और भी भयावह हो सकती है।
जनता की मांग
- तुरंत उन सभी खंभों की जांच हो जो सड़क के बीच में हैं या जिनसे करंट रिस रहा है।
- जिम्मेदार बिजली अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
- शहर के हर उस हिस्से को चिन्हित कर वहां मरम्मत कार्य हो जहां से करंट की शिकायतें आ रही हैं।
समय रहते अगर इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह शहर के लिए एक बड़ी आपदा का कारण बन सकता है। प्रशासन को तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है।
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