पाटी विकासखंड के ग्राम पंचायत रोसर के सरपंच व ग्रामीण पहुंचे जिला मुख्यालय भगोरिया कार्यक्रम एवं हॉट बाजार में ढोल मांदल, फेपारिया बांसुरी बजाने की अनुमति को लेकर पाटी थाना प्रभारी सहित अनुविभागीय अधिकारी कार्यलय में सौपा ज्ञापन।

बड़वानी जिले सहित पूरे निमाड़-मालवा क्षेत्र में पारंपरिक आदिवासी भगोरिया उत्सव 24 फरवरी (मंगलवार) से शुरू होकर 2 मार्च (सोमवार) तक मनाए जाने वाला यह सात दिवसीय उत्सव पारंपरिक ढोल-मांदल और नृत्य के साथ शुरू होगा। वही कल से होने वाले जिले के पलसूद, नागलवाड़ी, बलकुआँ, रोसर, मंडवाड़ा, चाचरिया, और बिजासन जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रिह
या हाट की शुरुआत के साथ ही आदिवासी संस्कृति का यह रंगीन पर्व शुरू हो जाएगा
वही भोगरिया पर्व के दौरान उपयोग में होने वाली ढोल मांदल बांसुरी फेपारिया इत्यादि को लेकर पाटी क्षेत्र की ग्राम पंचायत रोसर के ग्रामीण व ग्राम पंचायत सरपंच जिला मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर 
भगोरिया कार्यक्रम एवं हाट बाजार में ढोल मांदल, फेपारिया-बासुरी बजाने की अनुमति को लेकर अनु विभागीय अधिकारी के नाम कार्यलय पर व पाटी थाना प्रभारी को ज्ञापन सौपकर अनुमति दी जाने की मांग की गई  
इस दौरान ग्राम पंचायत रोसर के सरपंच रघु डावर ने बताया है कि मंगलवार से आदिवासी अंचल में मनाया जाने वाले भगोरिया पर्व की शुरुआत हो रही है ।इसी को लेकर ग्राम पंचायत रोसर जनपद पंचायत पाटी में ग्राम सभा के ठहराव प्रस्ताव के माध्यम से भगोरिया कार्यक्रम एवं हॉट बाजार आयोजित किया जाएगा जो नवीन स्थान जुनी रोसर ग्रीट के पास स्थान चयनित किया गया साथ हि सरपंच डावर ने बताया कि  भगोरिया पर्व
सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक रहेगा, जिसमे ग्राम क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण लोग पारंपरिक वेशभूषा पहनकर बड़े हर्ष उल्लास के साथ आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक उत्साह का यह एक अनूठा उत्सव है, जिसमें ढोल-मांदल की थाप पर आदिवासी युवा थिरकते हैं। जिसमें ढोल मांदल  फेपारिया बासुंरी बजाने की अनुमति को लेकर जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौपा है।
इस दौरान ज्ञापन देने आए उपसरपंच राजाराम डावर सहित ग्रामीण - देवीसिंह ,राधेश्याम जितेन ,थानिया, कमल, रावलिया सपलिया विजय सुरेश इत्यादि ग्रामीण मौजूद रहे।