किसानों पर अनावश्यक प्रतिबंधों का विरोध: हरपाल ठाकुर का सरकार पर प्रहार

सीहोर: अखिल भारतीय कांग्रेस सदस्य हरपाल ठाकुर ने सरकार के उस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें किसानों को बिना रजिस्ट्रेशन खाद नहीं देने और पेट्रोल पंप पर ड्रम या अन्य पात्रों में डीजल नहीं देने का निर्देश दिया गया है।

ठाकुर ने कहा, "एक ओर मुख्यमंत्री मोहन यादव 'किसान कल्याण वर्ष' मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। क्या किसान डीजल या खाद की कालाबाजारी करता है, जो उसके लिए इस प्रकार की बाधाएं खड़ी की जा रही हैं?"

उन्होंने कहा कि प्रदेश का अन्नदाता पहले ही मौसम, लागत और बाजार की चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में उसे खाद और डीजल जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

विधायकों और सांसदों से अपील

हरपाल ठाकुर ने सीहोर जिले के चारों विधायक और तीनों सांसदों से अनुरोध किया है कि वे किसानों की इस समस्या को गंभीरता से उठाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को बिना अनावश्यक रोक-टोक के डीजल उपलब्ध कराने तथा खाद वितरण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए पहल करें।

उन्होंने सीहोर विधायक सुदेश राय, इच्छावर विधायक एवं मंत्री करण सिंह वर्मा, आष्टा विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव और अन्य सांसदों से आग्रह किया कि वे मुख्यमंत्री से बात करके इस समस्या का समाधान करवाएं।

सरकार की नीतियों पर सवाल

ठाकुर ने सरकार की भावांतर योजना की भी आलोचना की, जिसके कारण किसानों का सोयाबीन 3500-4000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव में बिका, जबकि आज वही सोयाबीन 7500 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जानबूझकर बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह योजना लागू की।

अपने बयान के अंत में, ठाकुर ने मुख्यमंत्री से अपील की कि अगर उनकी सरकार वास्तव में 'किसान कल्याण वर्ष' मना रही है, तो किसानों को बिना रोक-टोक के डीजल और खाद की सुविधा उपलब्ध कराएं ताकि किसान समय पर अपनी फसल की बुवाई कर सकें।