उमरिया जेल में हिंदू मुस्लिम एकता मंच ने रोज़ा अफ्तार के माध्यम से फैलाया सौहार्द का संदेश

 

उमरिया: रमज़ान के पवित्र माह में हिंदू मुस्लिम एकता मंच ने जिला जेल उमरिया में रोज़ा अफ्तार कार्यक्रम का आयोजन कर समाज में एकता और सद्भाव का संदेश दिया। मंच के पदाधिकारियों और कैदियों ने मिलकर रोज़ा अफ्तार किया, जिससे समाज में प्रेम और भाईचारे का माहौल बना।

कार्यक्रम के दौरान जिला न्यायाधीश एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मोहन डावर ने जेल का निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों से संवाद करते हुए उन्हें कानून की जानकारी दी। जेल अधीक्षक डी. के. सारस ने जेल में बंदियों की व्यवस्था और अनुशासन पर जोर दिया।

इस अवसर पर मंच के संरक्षक मो. नईम, संस्थापक मो. असलम शेर और संयोजक राजेंद्र कोल ने कहा कि रमज़ान का असली संदेश इंसानियत, सब्र और भाईचारे का है। उन्होंने समाज में प्रेम और एकता का संदेश फैलाने की अपील की।

  • संरक्षक मो. नईम: रमज़ान इंसानियत और भाईचारे का महीना है।
  • संस्थापक मो. असलम शेर: हिंदू मुस्लिम एकता मंच सामाजिक सद्भाव के लिए हमेशा तत्पर है।
  • संयोजक राजेंद्र कोल: त्योहार हमें जोड़ते हैं और भाईचारे का संदेश देते हैं।

न्यायाधीश मोहन डावर ने कहा, "रमज़ान आत्मसंयम, क्षमा और इंसानियत का महीना है। सभी बंदी इस पवित्र समय में सकारात्मक सोच के साथ जीवन सुधारने का संकल्प लें।" जेल अधीक्षक डी. के. सारस ने कहा, "जेल सुधार का स्थान है, और त्योहार आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ाते हैं।"

कार्यक्रम में श्री माखन सिंह मार्को, हनीफ खान, मो. मंसूर, Dr. एस के जैन, ऋषभ त्रिपाठी, शिवशंकर कोल, रमन विश्वकर्मा, मो. शारिब, और सोनम सोनी भी उपस्थित रहे।

इस आयोजन के माध्यम से हिंदू मुस्लिम एकता मंच ने समाज में एकता और सद्भाव के महत्व को रेखांकित किया, जो सामाजिक सौहार्द और प्रेम के आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है।