खिमलासा थाना क्षेत्र में दो घटनाएं: प्रशासन का सराहनीय रवैया

खिमलासा थाना क्षेत्र में हाल ही में दो अलग-अलग घटनाएं हुई हैं, जिनमें प्रशासन और पुलिस का रवैया प्रशंसनीय रहा। इन घटनाओं की जानकारी पुलिस और वन विभाग को समय पर दी गई, जिससे दोनों मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सकी।

गाय के बछड़े की मृत्यु का मामला

देर रात करीब 10 बजे, खिमलासा निवासी हाकम पाल (उम्र 40 वर्ष) अपनी मां के साथ खिमलासा थाने पहुंचे। उन्होंने एएसआई आसिफ़ अली को बताया कि जब वे अपने परिवार के साथ फसल काट कर लौटे, तो उन्होंने पाया कि उनके मकान के तीनों गेट खुले थे और गाय का बछड़ा मृत अवस्था में मिला। हालांकि, घर में किसी प्रकार की चोरी नहीं हुई थी।

मंगलवार सुबह, गौसेवकों और बजरंग दल ने बछड़े की हत्या की आशंका जताई। पुलिस द्वारा पशु-चिकित्सक डॉ. प्रेरणा ठाकुर और डॉ. बृजेन्द्र शर्मा की उपस्थिति में पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बछड़े के गले में प्लास्टिक की पन्नी फंसने के कारण उसे आहार और पानी नहीं मिल पाया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।

नीलगाय का रेस्क्यू

दूसरी घटना ग्राम पंचायत गढोली के बुडनपुरा गांव की है, जहां एक खेत में लाचार और घायल नीलगाय मिली। जानकारी के मुताबिक, नीलगाय का एक पैर तार फेंसिंग में फंसकर टूट गया था और घाव में कीड़े पड़ गए थे। वन विभाग खुरई और खिमलासा पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद वन अमले ने तत्काल नीलगाय का रेस्क्यू कर उसे खुरई ले जाकर इलाज शुरू किया।

इन दोनों घटनाओं में खिमलासा टीआई राधेश्याम पटेल, एएसआई आसिफ़ अली, सुभाष मुंशी, आरक्षक गौरव मीणा और मलखान पाल ने सराहनीय कार्य किया है।

प्रतिपाल राजपूत, बीना/खिमलासा से रिपोर्टिंग