कूनो नेशनल पार्क में 17 सितंबर 2022 को बाड़े से छोड़ा गया चीता (फाइल फोटो) फोटो साभार Wikimedia Commons / PMO India, CC BY 3.0
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क का 19 महीने का नर चीता KNG22 अब नहीं रहा। इलाज के दौरान उसके शरीर से बंदूक के 5 छर्रे निकाले गए, जिनसे अंदरूनी अंगों को गंभीर चोटें पहुंची थीं।
मामले की जांच के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने वन और पुलिस अफसरों का स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF बनाया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने भी 28 अक्टूबर को एक उच्चस्तरीय टीम मौके पर भेजी है। प्रोजेक्ट चीता शुरू होने के 4 साल बाद कूनो के चीते की इस तरह हुई मौत ने निगरानी और सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, जिनके जवाब जांच से मिलेंगे।
इस मामले की 3 बड़ी बातें…
- घायल मिला, 25 अक्टूबर को कूनो के संरक्षित क्षेत्र के बाहर मुरैना वन क्षेत्र में
- सर्जरी, जबलपुर के पशु चिकित्सा केंद्र में, जहां 5 फायरआर्म छर्रे निकाले गए
- मौत, 27 अक्टूबर 2026 की सुबह, कई अंदरूनी चोटों की वजह से
संरक्षित क्षेत्र के बाहर घायल मिला था चीता
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के बयान के मुताबिक KNG22 25 अक्टूबर को कूनो नेशनल पार्क के संरक्षित क्षेत्र के बाहर मुरैना के क्षेत्रीय वन इलाके में घायल हालत में मिला। उसी दिन श्योपुर क्षेत्रीय वन मंडल की टीम ने उसे रेस्क्यू किया।
कूनो के चीते निगरानी टीमों की नजर में रहते हैं और कई बार पार्क की सीमा से बाहर आसपास के जंगलों तक चले जाते हैं। KNG22 के घायल होने की जानकारी मिलने के बाद उसे इलाज के लिए कूनो लाया गया और शुरुआती जांच की गई।
ग्राफिक से समझिए, 3 दिन में क्या हुआ…
एक्स रे में दिखे छर्रे, जबलपुर में हुई सर्जरी
वन विभाग के मुताबिक शुरुआती एक्स रे में चीते के शरीर के अलग अलग हिस्सों में कई बाहरी वस्तुएं दिखीं। विशेषज्ञों से सलाह के बाद उसे जबलपुर के नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के सर्जरी और रेडियोलॉजी विभाग भेजा गया।
वहां CT स्कैन में अंदरूनी अंगों, मांसपेशियों, हड्डियों और नर्वस सिस्टम को नुकसान दिखा। इमरजेंसी सर्जरी कर 5 छर्रे निकाले गए, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद 27 अक्टूबर की सुबह चीते की मौत हो गई।
राज्य का STF और केंद्र की टीम, दोनों करेंगे जांच
राज्य सरकार के STF में वन विभाग और पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। यह टीम पता लगाएगी कि चीते को गोली किसने और किन हालात में मारी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने बयान में कहा कि उसने घटना को गंभीरता से लिया है। मंत्रालय की टीम में ये अधिकारी हैं…
- राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के वन महानिरीक्षक
- वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) के अतिरिक्त निदेशक
- WCCB के क्षेत्रीय उप निदेशक
मंत्रालय के मुताबिक यह टीम मौत की परिस्थितियों की बारीकी से जांच करेगी, सभी सबूत परखेगी और मध्यप्रदेश वन विभाग के साथ मिलकर दोषियों पर सख्त और जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
17 सितंबर 2022 को शुरू हुआ था प्रोजेक्ट चीता
भारत में चीता आजादी के बाद विलुप्त होने वाला अकेला बड़ा मांसाहारी जीव है। इसे फिर बसाने के लिए केंद्र ने NTCA की अगुवाई में प्रोजेक्ट चीता शुरू किया। PIB के मुताबिक 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए 8 चीते कूनो में छोड़े गए।
फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते आए। 20 अप्रैल 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में 2 चीते छोड़े, जो प्रोजेक्ट का दूसरा ठिकाना बना। 28 फरवरी 2026 को बोत्सवाना से 9 चीते कूनो पहुंचे।
मैप से समझें, प्रदेश में चीते कहां हैं…
अभी कितने चीते
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने फरवरी 2026 में बताया था कि देश में चीतों की संख्या 48 है, जिनमें 28 भारत में जन्मे शावक हैं। वन विभाग की ओर से दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक KNG22 की मौत के बाद देश में 58 चीते हैं। इनमें 52 कूनो में, 4 गांधी सागर में और 2 वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में हैं।
जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
अब STF और केंद्रीय टीम की रिपोर्ट से साफ होगा कि छर्रे शिकार की कोशिश में लगे या किसी और वजह से। केंद्रीय टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। जांच में कोई गिरफ्तारी या नया तथ्य सामने आते ही StateNews इसे अपडेट करेगा।
ग्राफिक- StateNews
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कूनो के किस चीते की मौत हुई?
19 महीने के नर चीते KNG22 की 27 अक्टूबर 2026 को इलाज के दौरान मौत हुई।
चीते के शरीर से क्या मिला?
जबलपुर में सर्जरी के दौरान उसके शरीर से बंदूक के 5 छर्रे निकाले गए।
मामले की जांच कौन कर रहा है?
राज्य सरकार का STF और केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की NTCA और WCCB अफसरों वाली टीम।
प्रोजेक्ट चीता कब शुरू हुआ?
17 सितंबर 2022 को, जब नामीबिया से लाए 8 चीते कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए।
स्रोत PIB, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, आकाशवाणी समाचार
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